मुख्यमंत्री योगी ने दिया हिसाब, बोले- 10 महीने में किसानों के खातों में भेजे 80 हजार करोड़

Update: 2018-01-26 03:08 GMT
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 10 माह में किसानों के खाते में 80 हजार करोड़ रुपये भिजवाए हैं। इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये कर्जमाफी और 20 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य शामिल है। सरकार आलू किसानों की बेहतरी के लिए योजना लाने जा रही है। मंत्री समूह की रिपोर्ट मिलते ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यूपी दिवस के दूसरे दिन गुरुवार को कृषि विभाग की प्रदर्शनी का उद्घाटन और वेबसाइट का शुभारंभ किया। कई योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र बांटे और जर्नी ऑफ किसान पाठशाला पुस्तिका एवं सीडी का विमोचन किया।
उन्होंने मंडी परिषद के लाभार्थियों को ई-लाइसेंस दिए और बाजार मूल्य की खोज वेबसाइट शुरू की। राजस्व विभाग के लाभार्थियों को अंश निर्धारित खतौनी वितरित की तथा चकबंदी विभाग की वेबसाइट व कंप्यूटर प्रबंधन प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही प्रदेश समृद्ध होगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही फसलों की लागत कम करने पर विचार होना चाहिए। किसानों का व्यावहारिक ज्ञान और अधिकारियों, वैज्ञानिकों का तकनीकी ज्ञान इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। किसानों को तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। चार कृषि विश्वविद्यालय और 69 कृषि विज्ञान केंद्र इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। राज्य सरकार ने 20 और कृषि विज्ञान केंद्रों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इनमें से 10 को मंजूरी मिल चुकी है।
समारोह में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, पशुधन मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, मंत्री रणवेन्द्र सिंह, स्वाति सिंह, अनुपमा जायसवाल, कृषि उत्पादन आयुक्त राजप्रताप सिंह, राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार और प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद उपस्थित थे।
किसानों, गरीबों, नौजवानों पर फोकस योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने किसानों, गरीबों और नौजवानों को फोकस करके योजनाएं बनाई हैं। गेहूं व धान खरीद के साथ तिलहन की खरीद की गई है। विभिन्न योजनाओं में डीबीटी स्कीम के तहत किसानों को अनुदान दिया गया है।
मंडियों से निकला पिछली सरकारों के पाप का कूड़ा
सीएम ने कहा, पहले पता नहीं लगता था कि मंडी परिषद का पैसा कहां जा रहा है। पहली बार मंडियों में सफाई, पुताई कराई गई। मंडियों में 15 साल की गंदगी का 77 मीट्रिक टन कूड़ा निकला है। यह पिछली सरकारों के पाप का कूड़ा था। मंडी की आय से किसानों को अतिरिक्त राशि दी जा सकती है। मंडियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। उनमें सभी सुविधाएं दी जाएंगी। 31 मार्च तक मंडी परिषद 20 हजार किमी लंबी सड़कों का नवीनीकरण कराएगी।
एक साल में देंगे 20 हजार सोलर पंप
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री का जोर किसानों को तकनीक से जोड़ने पर है। इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों की भूमिका खत्म हो जाएगी। पिछले 15 सालों में सरकारें 3 हजार सोलर पंप नहीं दे पाईं, हमारी सरकार इसी साल 20 हजार सोलर पंप किसानों को देगी।
वर्मी कंपोस्ट बनाने पर 6 हजार अनुदान
योगी ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए गड्ढा बनाने व अन्य कार्यों में आठ हजार रुपये खर्च आता है। इसमें 6 हजार राज्य सरकार अनुदान के रूप में दे रही है। राजस्व विभाग ने खतौनी की नई प्रणाली शुरू की है। इसमें किसानों की जमीन का हिस्सा दर्ज रहेगा। भू-माफिया भी चिह्नित किए गए हैं।

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