लखनऊ - समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर बेहद गंभीर आरोप जड़ा है। अखिलेश यादव का मानना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार से लोकतंत्र को खतरा है।
अखिलेश यादव ने आज समाजवादी पार्टी के कार्यालय में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक सहित एक दर्जन नेताओं को पार्टी में शामिल कराया। इसके बाद प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था पर जमकर बरसे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ को जमकर घेरा। वह तो इतना कह गए कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से लोकतंत्र को खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने करणी सेना में भाजपा के ही अधिकांश कार्यकर्ता होने का भी बड़ा आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि कल देश के उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू लखनऊ में थे, तब प्रदेश की बेहद खराब कानून व्यवस्था को लेकर एक तस्वीर सामने आई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सत्ता पर योगी आदित्यनाथ सरकार को करीब एक वर्ष हो गया है, इस दौरान प्रदेश की भयावाह तस्वीर सामने आ रही है। ऐसी भयावह और दर्दनाक घटनाएं पहले कभी नही हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरठ में कल दिनदहाड़े हत्या की सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीर कोई पहली घटना नही है। इससे पहले भी मथुरा में सर्राफा व्यापारी की हत्या की ऐसी जघन्य वारदात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि मेरठ की घटना में नौ गोली मारी गई महिला अपने पति की हत्या में गवाह थी।
प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जो भी कहती है, उसपर जरा सा भी अमल नहीं करती है। सरकार जो कहती है वो करती नही है, कहीं सरकार अपराधियों को यह संदेश तो नही दे रही कि यूपी छोड़कर कहीं मत जाओ, यहीं रहो। योगी आदित्यनाथ सरकार से लोकतंत्र को बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रतिनिधिमंडल कल कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर राज्यपाल राम नाईक से मिला था। अब समझ नही आ रहा है कि हम सब लोग कौन-कौन सी संस्था के पास जाकर अपनी बात कहें।
अखिलेश ने बढ़ते अपराध का जिक्र करते हुए सरकार में पुलिस इनकाउंटर भी सवाल उठाए। साथ ही सीधे आरोप लगाया कि प्रदेश की पुलिस बीजेपी के नेताओं को खुश करने में लगी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यस्था अच्छी हो, यह हम भी चाहते हैं, लेकिन आज प्रदेश में कोई जगह सुरक्षित नहीं है।
अखिलेश ने कहा कि सरकार जो कहती है,वो करती नहीं है। राजधानी से लेकर यूपी के हर शहर में तमाम अपराधिक घटनाएं हो रही हैं। राजधानी में कोई किसान आलू फेंक जाता है तो समाजवादियों के 19 हजार फोन कॉल चैक किए जाते हैं। अखिलेश ने कहा कि फिरोजाबाद में 3 प्रदेश का माफिया कालिया किस बीजेपी नेता के साथ वहां जिम में एक्सरसाइज कर रहा है। सरकार को वो दिखाई नही देता है लेकिन कार्रवाई करने के नाम पर सपा विधायक हरिओम यादव ही नजर आते हैं।
अखिलेश यादव ने मुज्जफरनगर दंगों में भाजपा नेताओं के केस वापसी के लिए शासन के जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र के मुद्दे पर कहा कि अगर केस वाकई फर्जी दर्ज किए गए थे तो सरकार उच्च सदन में आए। वहां पर सीएम और डिप्टी सीएम खुद बताएं कि हमारे खिलाफ लगाए गए मुकदमे भी फर्जी थे।