मुंबई में चमका बहराइच का सितारा: शौर्य गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जीता प्रथम स्थान, जिले में गौरव की लहर

Update: 2026-02-19 07:40 GMT

अनवार खाँ मोनू

मुंबई/बहराइच। प्रतिभा जब परिश्रम से संवरती है तो उपलब्धियाँ इतिहास बन जाती हैं। उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के मेधावी युवा शौर्य गुप्ता ने इसी सत्य को साकार करते हुए मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन “Advances in Polymers & Coatings Rangotsav 2026” में Industry Defined Problem Competition में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने संस्थान बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया। इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT), मुंबई के पॉलिमर एवं सरफेस इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 17 व 18 फरवरी 2026 को आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, लेकिन शौर्य की प्रतिभा, शोध दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता ने उन्हें विजेता के रूप में स्थापित कर दिया।

सम्मेलन में प्रतिभागियों को उद्योग से जुड़े वास्तविक समस्यात्मक विषय दिए गए थे, जिन पर उन्हें वैज्ञानिक विश्लेषण, नवाचारपूर्ण सोच और व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करना था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतियोगिता केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि शोध-दृष्टि, विश्लेषण क्षमता, प्रस्तुतीकरण कौशल और औद्योगिक समझ की भी कठोर परीक्षा होती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण मंच पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. डॉ. ए. एस. सबनिस और सह-संयोजक प्रो. डॉ. आर. एन. जगताप ने शौर्य गुप्ता को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया तथा उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि युवा वैज्ञानिकों में इस तरह की क्षमता भारत के शोध-भविष्य को नई दिशा देगी। सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी उनके समाधान को व्यावहारिक, अभिनव और उद्योग के लिए उपयोगी बताते हुए सराहा।

शौर्य गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के निवासी हैं। उनकी माता पेशे से शिक्षिका हैं और पिता व्यवसाय से जुड़े हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का वातावरण शुरू से ही उन्हें प्रेरित करता रहा, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दे रहा है। परिजनों ने बताया कि शौर्य बचपन से ही विज्ञान और प्रयोगों के प्रति उत्सुक रहे हैं और पढ़ाई के साथ शोध गतिविधियों में भी हमेशा आगे रहे।

उनकी इस उपलब्धि की सूचना जैसे ही बहराइच पहुंची, जिले में खुशी और गर्व का माहौल बन गया। शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे शहरों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल करना अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में इस तरह की उपलब्धियां देश की बौद्धिक क्षमता का प्रमाण हैं। शौर्य की सफलता यह संदेश देती है कि समर्पण, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो सीमित संसाधन भी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते।

जिले के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने आशा जताई कि शौर्य गुप्ता भविष्य में शोध और नवाचार के क्षेत्र में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर देश का नाम रोशन करेंगे। वहीं युवाओं के बीच वे प्रेरणा-पुरुष के रूप में उभर रहे हैं, जिनकी सफलता यह बताती है कि सपने बड़े हों और इरादे मजबूत, तो मंजिल खुद कदम चूमती है।

Similar News