मेरठ में फर्जी पहचान पत्र प्रकरण : पाकिस्तानी मूल की महिला सबा मसूद उर्फ नाजिया गिरफ्तार, बेटी पर भी जांच की आंच
रिपोर्ट : विजय तिवारी
मेरठ ।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में फर्जी पहचान पत्र और नागरिकता से जुड़े एक पुराने मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी मूल की महिला सबा मसूद उर्फ नाजिया को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि वर्ष 2003 में दो अलग-अलग नामों से वोटर आईडी कार्ड बनवाए गए थे। स्थानीय शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की। अब इस प्रकरण में महिला की बेटी एनम की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
भारत आने और पारिवारिक पृष्ठभूमि
जांच एजेंसियों के अनुसार सबा मसूद वर्ष 1989 में लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थीं। यहां मेरठ निवासी फरहत से विवाह के बाद वह लंबे समय तक यहीं रहीं और उनके दो बेटे भारत में जन्मे। कुछ समय बाद वह पाकिस्तान गईं, जहां बेटी एनम का जन्म हुआ। बाद में वह बेटी को साथ लेकर फिर भारत लौट आईं और मेरठ में ही रहने लगीं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक एनम ने मेरठ के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से पढ़ाई की और आगे चलकर कानून की पढ़ाई पूरी कर वकालत के पेशे से जुड़ीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि नागरिकता और दस्तावेजों की वैधता को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
किन आरोपों में दर्ज हुआ मामला
प्राथमिक जांच में सामने आया कि महिला ने कथित तौर पर दो अलग-अलग नामों से पहचान पत्र और वोटर कार्ड बनवाए। इसके अलावा दस्तावेजों में विसंगति, नागरिकता संबंधी नियमों के उल्लंघन और पहचान छिपाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसी नेटवर्क या अन्य व्यक्तियों की भूमिका रही या नहीं।
शिकायतकर्ता और पुलिस का आधिकारिक पक्ष
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि लंबे समय तक गलत पहचान के आधार पर सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। वहीं मेरठ पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार सभी दस्तावेजों, वीजा रिकॉर्ड और नागरिकता से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच चल रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।
जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब नागरिकता, वीजा शर्तों, मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी रिकॉर्ड को मिलान कर रही है। संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दस्तावेज किस आधार पर बनाए गए। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी नजर रखी जा रही है।