लखनऊ : लोहिया अस्पताल में शनिवार को भर्ती शिशु की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने हंगामा किया। अस्पताल गेट पर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि नाभि से खून का रिसाव होने के बावजूद डॉक्टरों ने शिशु पर ध्यान नहीं दिया। ज्यादा खून बहने से शिशु की सांसें थम गईं।
श्रावस्ती निवासी नीरज मिश्रा ने प्रसव पीड़ा के बाद पत्नी रुचि को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड नंबर 6 बेड 11 पर गर्भवती का इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन से प्रसव कराने का फैसला किया। करीब 5 दिन पहले ऑपरेशन से शिशु का जन्म हुआ। नीरज मिश्रा की मां शीला मिश्रा ने बताया कि शिशु एकदम सेहतमंद था। शनिवार को दूध पिलाने के बाद वह बच्चे को सुला कर गई थीं। करीब 9 बजे वह तेज-तेज रोने लगा। आवाज सुन कर उसके पास पहुंचीं तो देखा उसकी नाभि से रक्त स्राव हो रहा है। खून बहता देख परिवारीजनों ने डॉक्टर व नर्स को बुलाया। स्टाफ नर्स शकुंतला वर्मा से गुजारिश की। आरोप है कि किसी ने उसको देखने की जहमत नहीं उठाई। अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी सांसें थम गईं।
शव लेकर धरने पर बैठा पिता : शिशु की मौत से नाराज पिता नीरज धरने पर बैठ गया। शव गोद में लेकर करीब 1 घंटे तक परिवारीजन धरना देते रहे। डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामा होने के बाद भी संवेदनहीन अस्पताल प्रशासन के अफसरों ने आरोपों को नजरअंदाज किया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर डॉक्टर, स्टाफ नर्स शिशु को देख लेते तो रक्तस्राव को रोका जा सकता था और उसको बचाया जा सकता था।