कॉल करने के बाद भी नहीं पहुंची एम्बुलेंस, बेटे को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचा वृद्ध पिता
उत्तर प्रदेश सरकार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लाख दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि कुछ भी नहीं बदला है. ताजा मामला यूपी के कौशाम्बी जिले का है, यहां एक बुजुर्ग पिता अपने बीमार बेटे को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचा.
108 सेवा पर कई बार कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस मरीज के घर नहीं पहुंची. इसके बाद बुजुर्ग रामअवतार अपने बीमार बेटे को ठेले पर लादकर तीन किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचा.
मामला मंझनपुर कोतवाली के गांधी नगर कस्बे का है. यहां रहने वाला उमा शंकर टीबी का मरीज है. अचानक शुक्रवार को उमा शंकर की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद परिजनों ने 108 नंबर पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाई. लेकिन काफी इन्तजार और कई बार कॉल करने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची.
जिसके बाद बीमार बेटे को ठेले पर लादकर बुजुर्ग पिता लगभग तीन किलो मीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल पहुंचा. इलाज के बाद अस्पताल में भी उसे एम्बुलेंस नहीं मिली. बुजुर्ग पिता एकबार फिर बेटे को ठेले पर ही लादकर घर पहुंचा.
रामअवतार और उसके बेटे की यह तस्वीर स्वास्थ्य महकमें में बेहतर सेवा देने का दावा करने वाले अधिकारीयों की पोल खोलने के लिए काफी है. यह आलम तब है जब सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का यह गृह जनपद है.वहीं पूरे मामले में जिम्मेदार अफसर भी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नही हुए.