मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग सिंडिकेट का बड़ा खुलासा: 64 करोड़ की हाईटेक गांजा खेप पकड़ी, विदेशी समेत 4 आरोपी जेल भेजे गए।
रिपोर्ट : विजय तिवारी
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) की सतर्कता से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। हालिया अपडेट में जांच एजेंसियों को इस मामले में और अहम सुराग मिले हैं, जिससे संकेत मिल रहा है कि यह केवल चार आरोपियों तक सीमित मामला नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है।
कार्रवाई के दौरान जब्त की गई 64 किलो 394 ग्राम हाइड्रोपोनिक कैनाबिस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹64 करोड़ आंकी गई है। यह सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली और महंगा होता है, जिसे विशेष तकनीक (हाइड्रोपोनिक खेती) से तैयार किया जाता है।
पूछताछ के दौरान सामने आया है कि आरोपियों को पहले से ही पूरा “रूट और डिलीवरी प्लान” समझाया गया था। उन्हें बैंकॉक में ड्रग्स सौंपे गए और मुंबई पहुंचते ही तय स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उन्हें मोटी रकम, कमीशन और फ्री एयर टिकट का लालच दिया गया था।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह मॉड्यूल “कूरियर नेटवर्क” की तरह काम करता है, जिसमें अलग-अलग लोगों को सिर्फ एक चरण की जिम्मेदारी दी जाती है, ताकि पूरी चेन का खुलासा आसानी से न हो सके।
अधिकारियों ने आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल और ट्रैवल हिस्ट्री को खंगालना शुरू कर दिया है। डिजिटल सबूतों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रैकेट के मास्टरमाइंड कौन हैं और भारत में इनके संपर्क कौन-कौन हैं।
इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, खासकर बैंकॉक जैसे संवेदनशील रूट से आने वाले यात्रियों की जांच और कड़ी कर दी गई है। हर संदिग्ध यात्री और उनके सामान की बारीकी से जांच की जा रही है।
चारों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत में पेशी के बाद सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय लिंक, फंडिंग सोर्स और लोकल सप्लाई चैन की जांच में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।