बजट 2026 की तारीख पर विराम, 1 फरवरी को ही पेश होगा आम बजट मोदी सरकार 3.0 का आर्थिक रोडमैप, संसद से लेकर शेयर बाजार तक नजरें टिकीं

Update: 2026-01-09 17:30 GMT


रिपोर्ट : विजय तिवारी

नई दिल्ली।

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर जारी तमाम कयासों और अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी आम बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा, भले ही यह दिन रविवार हो। बजट के माध्यम से मोदी सरकार 3.0 देश की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और वित्तीय प्राथमिकताओं का विस्तृत खाका पेश करेगी। संसद में बजट प्रस्तुति की जिम्मेदारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण निभाएंगी।

रविवार को बजट, शेयर बाजार के लिए विशेष व्यवस्था संभव

सामान्य परिस्थितियों में रविवार को शेयर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट दिवस के महत्व को देखते हुए इस बार विशेष व्यवस्था की संभावना बन रही है। जानकारी के अनुसार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) रविवार को विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। यदि सरकार आधिकारिक रूप से 1 फरवरी को बजट पेश करने की अधिसूचना जारी करती है, तो इक्विटी बाजार में सीमित समय के लिए ट्रेडिंग संभव हो सकती है। इससे निवेशकों को बजट घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलेगा और बाजार में स्वाभाविक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम नया कीर्तिमान

बजट 2026 के साथ निर्मला सीतारमण अपने कार्यकाल का नौवां बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह देश के इतिहास में सबसे अधिक बजट पेश करने वाले वित्त मंत्रियों की सूची में एक और कदम आगे बढ़ जाएंगी। इस क्रम में वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा पेश किए गए 10 बजट के रिकॉर्ड के और करीब पहुंचेंगी। यह उपलब्धि उनके लंबे और निरंतर वित्तीय नेतृत्व को रेखांकित करती है।

बजट से पहले का संभावित संसदीय कार्यक्रम

28 जनवरी: राष्ट्रपति का अभिभाषण, जिसमें सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और आगामी एजेंडे का संकेत मिलेगा

29 जनवरी: संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जिसमें देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं का विस्तृत आकलन होगा

1 फरवरी (रविवार): केंद्रीय बजट 2026 संसद में प्रस्तुत किया जाएगा

1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है आम बजट?

अक्सर यह सवाल उठता है कि बजट हर साल 1 फरवरी को ही क्यों पेश किया जाता है। वर्ष 2017 से पहले आम बजट फरवरी के अंतिम सप्ताह में पेश होता था। बाद में इस व्यवस्था में बदलाव किया गया ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष से पहले बजट से जुड़ी सभी संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें। इससे सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन और खर्चों के लिए समय पर संसद की मंजूरी मिल सके। तभी से 1 फरवरी को स्थायी रूप से ‘बजट दिवस’ के रूप में निर्धारित किया गया।

बजट 2026 केवल आंकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह मोदी सरकार 3.0 की आर्थिक सोच, विकास रणनीति और नीतिगत प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा। रविवार को बजट प्रस्तुति और शेयर बाजार में संभावित विशेष ट्रेडिंग सत्र इसे और भी महत्वपूर्ण बना रहे हैं, जिस पर उद्योग जगत, निवेशक और आम जनता—तीनों की नजरें टिकी हुई हैं।

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