6 महिला सिपाहियों के फोन पर पहुंचे अश्लील फोटो, सामने आई सिपाही की हरकत; एसपी ने तुरंत कर दिया निलंबित

Update: 2025-01-12 03:27 GMT

हरदोई। एक सिपाही के कृत्य ने महकमे को शर्मसार कर दिया। बैंक लोन की किस्त भरने के लिए छह महिला सिपाहियों की अश्लील फोटो उनके वाट्सएप नंबरों पर भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू किया। रुपये देने से मना करने पर फोटो प्रसारित करने की धमकी देने लगा।

परेशान होकर एक महिला सिपाही ने साइबर थाने में एफआइआर दर्ज कराई। जांच में सत्यता सामने आने पर एसपी नीरज कुमार जादौन ने आरोपित सिपाही को निलंबित कर दिया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। महिला सिपाही ने तहरीर देकर बताया कि एक व्यक्ति ने उसके वाट्सएप नंबर पर उसकी अश्लील फोटो बनाकर भेजी, इसके बाद रुपयों की मांग करने लगा।

जांच के दौरान वह नंबर कासिमपुर थाने में तैनात सिपाही विनय कुमार का निकला। विनय मूल रूप से गोंडा जिले का निवासी है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो बताया कि उसने बैंक से लोन लिया था, जिसकी समय से किस्त नहीं दे पा रहा था। इसी के चलते उसने महिला सिपाहियों की अश्लील फोटो बनाकर वाट्सएप नंबरों पर भेजकर रुपये की मांग करता रहा। एक-एक कर उसने छह महिला सिपाहियों को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि एसपी ने मामले को संज्ञान में लेकर सिपाही को निलंबित कर दिया है।

पुलिस की विवेचना में मदद करेगा ई- साक्ष्य एप

अब पुलिस को साक्ष्य जुटाने में कोई परेशानी होगी और न ही घटना की जांच में देरी। नए कानून के बाद बदली व्यवस्था से सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर ने अपने मोबाइल में ई-साक्ष्य एप डाउनलोड कर लिया है, जिससे किसी घटना की जांच के समय उन्हें बिना देरी से एप में ही फोटो आदि को मौके पर ही खींच कर एप में डाल लेंगे। जोकि उनकी बाद में जांच के काम आएंगी।

घटना कोई भी हो, पुलिस को साक्ष्य जुटाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। किसी फील्ड यूनिट को बुलाना पड़ता है तो कभी फोटो, वीडियो के लिए किसी कर्मचारी को लगाना पड़ता था। पर अब ऐसा नहीं होगा।

एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि हर पुलिस कर्मी के मोबाइल में ई-साक्ष्य एप डाउनलोड कराया गया है, जिसमें जिले में तैनात 25 निरीक्षक, 314 उपनिरीक्षक, 255 मुख्य आरक्षी, 762 आरक्षी और 275 महिला आरक्षी सभी ने मोबाइल में इस एप को डाउन लोड कर लिया है। घटना की जांच या सूचना मिलने पर जब भी पुलिस कर्मी जाएंगे। तो मौके के फोटो, वीडियो आदि सभी इसी एप में करेंगे,जोकि उनकी जांच में आगे काम आएंगे।

मौके की फोटो आदि मिल जाने से पुलिस को जांच में परेशानी नहीं होगी वहीं मजबूत जांच होने से दोषी को सजा भी मिलेगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा। इस नई व्यवस्था पर तेजी से काम हो रहा है।

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