राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने सदन के शून्यकाल में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने का उठाया मुद्दा, कहा-भारत की आयुष चिकित्सा पद्धति पर्यटकों को आकृषित कर रही है...

Update: 2024-12-05 07:04 GMT


ओ पी श्रीवास्तव, चंदौली

जनता की आवाज: राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने शून्यकाल के दौरान सदन में भारत को मेडिकल टूरिज्म के रूप में विकसित करने का मुद्दा उठाया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भारत को चिकित्सा पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के पर्यटन स्थलों और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा दे रहा है।

सांसद ने बताया कि भारत में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी (AYUSH) जैसे पारंपरिक उपचार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यह क्षेत्र न केवल यात्रा और पर्यटन को प्रोत्साहित करता है, बल्कि रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी कर अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए बीमा कवरेज और कैशलेस चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए। साथ ही, भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए बहुभाषी सेवाओं को भी विकसित करने की मांग की।

भारत में चिकित्सा पर्यटन के तेजी से बढ़ते बाजार में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहर उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

सांसद ने बताया कि भारत में चिकित्सा पर्यटन ने वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। यहाँ गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, सस्ती लागत, और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का संगम इसे चिकित्सा पर्यटन के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाता है। आने वाले वर्षों में भारत इस क्षेत्र में और अधिक प्रगति करेगा।

भारत का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी चिकित्सा पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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