अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसकी आवाज को दबा दिया जाता है। महिला सशक्तिकरण पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
“अमृतकाल नहीं, संकट काल” — संविधान पर खतरे की चेतावनी
सपा प्रमुख ने ऐलान किया कि B. R. Ambedkar की जयंती को गांव-गांव मनाया जाएगा और संविधान को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश “अमृतकाल” में नहीं बल्कि “संकट काल” से गुजर रहा है, जहां संतों के साथ अन्याय और अपमान की घटनाएं बढ़ रही हैं।
“जिंदा को मुर्दाघर भेज रहे” - स्वास्थ्य व्यवस्था पर करारा वार
अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात इतने खराब हैं कि जिंदा लोगों को भी मुर्दाघर भेजा जा रहा है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य तीनों को पूरी तरह फेल बताया और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
2027 का ऐलान: “पीडीए मिलकर हराएगा बीजेपी”
उन्होंने साफ कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) को एकजुट कर 2027 के चुनाव में Bharatiya Janata Party को सत्ता से बाहर किया जाएगा। उनका दावा है कि जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में यूपी विकास की नई राह पर चलेगा।
“बीजेपी सौदागर बन गई है” — महंगाई और भ्रष्टाचार पर हमला
अखिलेश यादव ने बीजेपी को “सौदागर” करार देते हुए कहा कि सरकार हर चीज बेचने में लगी है और उसका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वजह है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और भ्रष्टाचार भी चरम पर है।
अखिलेश यादव का यह बयान सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि 2027 चुनाव के लिए सीधा राजनीतिक बिगुल है—जहां एक तरफ सरकार पर गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता को एकजुट करने का आह्वान भी।