नोट गिनने की मशीन,कार सहित अन्य वस्तुएं भी पुलिस ने बरामद की
अनुराग गुप्ता
बहराइच। पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक बड़े सायबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। सर्विलांस और पुलिस की संयुक्त टीम ने म्यूल खाता धारक उपलब्ध कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराधियों के द्वारा संगठित साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए आम जनता के खाते खुलवाए जाते थे, जिनका साइबर अपराधियों के साथ मिलकर साइबर धोखाधड़ी में प्रयोग किया जाता था। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन,1 पूर्व हस्ताक्षरित चेकबुक,1 नोट गिनने वाली मशीन,1 महिन्द्रा एसयूवी कार एवं पन्द्रह लाख चालीस हजार रुपये की नगदी बरामद किया है।
बता दें कि बहराइच पुलिस और सर्विलांस टीम ने साइबर ठगों को म्यूल एकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह और पैनल का भड़ाफोड किया है। इन अपराधियों ने जनता को लालच और गुमराह कर उनके खाते खुलवाए जाते थे,जिन्हे साइबर क्राईम जैसे संगठित अपराधियों के साथ साझा कर, धोखाधड़ी के लिए प्रयुक्त किए जाने का आरोप है। इनके द्वारा खुलवाए गए खातों में पीड़ितों की लाखों रुपये की धनराशि का लेन देन हुआ है। जिनसे इनके द्वारा अच्छा खासा मुनाफा कमाया गया। जिस सम्बन्ध में साइबर पुलिस ने पूरे मामले की जांच की, जिसके बाद पुलिस और सर्विलांस की टीम ने मो.कैफ,नूर अहमद, अर्शियान,मो.आमिर, सत्येन्द्र कुमार चौहान और राम जी यादव को गिरफ्तार किया है।
एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि आरोपियों ने व्यक्तियों को झांसे में लेकर लोगों को धन का प्रलोभन देकर उनके नाम से नए बैंक खाते खुलवाते हुए उनके पूर्ववर्ती खातों का उपयोग किया जाता था। जिसके बाद इन खातों में साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध से प्राप्त धोखाधड़ी के पैसों को मंगवाया जाता था। बदले में खाता धारकों को कमीशन दिया जाता था,जबकि शेष धनराशि चेक के माध्यम से निकालकर आरोपी आपस में बांट लेते थे। एएसपी ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड मो. आमिर की भूमिका खातों के प्रबन्धन की थी जो इन खातों को अपने सहयोगी नूर अहमद व अर्शियान उर्फ सुहेल को उपलब्ध कराता था। कैफ और अन्य आरोपी इन खातों में साइबर ठगी की धनराशि मंगाकर पूर्व हस्ताक्षरित चेकों के माध्यम से शीघ्रता से निकाल लेते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी इतने शातिर हैं कि खाता धारकों से पहले ही सुनियोजित तरीके से उनके चेकबुक पर हस्ताक्षर करवा लेते थे,जिससे खाते में धनराशि आते ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज होने से पूर्व ही उसे निकाल लिया जाए। इस तरह योजनाबद्ध तरीके से आपस में धन का वितरण करते थे।
एएसपी ने बताया कि आरोपियों के साथियों के बारे में गहन पूछताछ जारी है और आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, साइबर ठगों के झांसे में आकर लोग अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई गंवा दे रहे हैं। जिसके बाद पुलिस जागरूकता के साथ ही साइबर अपराधियों पर नकेल कस रही है। बता दें कि म्यूल खाता एक बैंक खाता होता है। साइबर अपराधी जिसका उपयोग चोरी, स्कैम या लॉन्ड्रिंग के रुपयों को इधर-उधर करने के लिए करते हैं।