राज्यसभा चुनाव 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर घमासान, कई दिग्गजों का निर्विरोध संसद पहुंचना तय

Update: 2026-03-09 07:33 GMT

नई दिल्‍ली:

देश में 16 मार्च 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. हालांकि, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्‍गज नेताओं का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है.चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान का शेड्यूल जारी कर दिया है, जिन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है. इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं. नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च और नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है. मतदान 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा और काउंटिंग उसी दिन शाम 5 बजे होगी.

निर्विरोध चुने जाने की ओर बढ़ते दिग्गज

बिहार से नीतीश-नवीन तय

कई राज्यों में राजनीतिक दलों के बीच पहले से तय समीकरणों के चलते कई उम्मीदवारों के निर्विरोध राज्यसभा पहुंचने की संभावनाएं मजबूत हैं. बिहार की पांच सीटों में से चार पर NDA की मजबूत पकड़ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (JDU) और नितिन नवीन (BJP) पहले से ही पार्टी की प्राथमिक सूची में हैं. हालांकि, पांचवीं सीट पर RJD ने ए.डी. सिंह को उतारकर मुकाबला रोचक बना दिया है.

महाराष्ट्र से इन तीन दिग्‍गजों का राज्‍यसभा पहुंचना तय

महाराष्‍ट्र में कुल 7 सीटों पर चुनाव होना है. लेकिन यहां से भी कई बड़े नाम निर्विरोध संसद के उच्‍च सदन में पहुंचते दिख रहे हैं. महाराष्‍ट्र में शरद पवार (NCP-SP), रामदास आठवले (RPI-A) और BJP के विनोद तावड़े जैसे दिग्गजों की वापसी तय मानी जा रही है.

असम में 3 सीटों पर NDA का रास्‍ता साफ

असम की 3 सीटों पर NDA को स्पष्ट बढ़त है. जोगेन मोहन, तेराश गोवाला और प्रमोद बोरो के निर्विरोध चुने जाने की राह साफ मानी जा रही है.  

तमिलनाडु में 6 उम्‍मीदवार निर्विरोध

डीएमके, AIADMK और अन्य दलों के समीकरणों के चलते तमिलनाडु में 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा सकते हैं. इनमें तिरुचि शिवा (DMK) और एम. थंबीदुरई (AIADMK) शामिल हैं.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी को एक-एक सीट

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी एक-एक सीट पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी हैं. कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को, जबकि बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा को नामित किया है. इन दोनों के निर्विरोध चुने जाने के आसार हैं.

पश्चिम बंगाल की 5 सीटों पर कौन-कौन?

पश्चिम बंगाल में 5 सीटें हैं. टीएमसी के बाबुल सुप्रियो और कोयल मल्लिक जैसे नामों के निर्विरोध चुने जाने की चर्चाएं हैं. लेकिन ममता बनर्जी ने आखिर तक पने पूरे पत्‍ते नहीं खोले थे.

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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का बहुमत साफ

हिमाचल प्रदेश में सिर्फ एक सीट है, जिस पर कांग्रेस का बहुमत साफ है. पार्टी ने अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार बनाया है. यही वजह है कि हिमाचल में राज्‍यसभा चुनाव को लेकर कोई हलचल नजर नहीं आ रही है.

तेलंगाना में कांग्रेस और BRS में हुआ बंटवारा

तेलंगाना में राज्‍यसभा की दो सीटों पर मुकाबले की संभावना कम है. दरअसल, कांग्रेस और BRS के बीच एक-एक सीट का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है.

यहां मुकाबला कड़ा है

बिहार: राज्‍यसभा चुनाव को लेकर सबसे दिलचस्प लड़ाई बिहार में मानी जा रही है. आरजेडी द्वारा ए.डी. सिंह को मैदान में उतारने से पांचवीं सीट पर समीकरण बिगड़ते दिख रहे हैं. NDA को अतिरिक्त समर्थन की तलाश करनी पड़ सकती है. बिहार से जिन पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. इनमें हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर जनता दल (यूनाइटेड) के, प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह राजद के तथा उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रतिनिधि हैं.

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ओडिशा: ओडिशा में राज्‍यसभा की 4 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. कांग्रेस ने BJD का समर्थन किया है. वहीं, BJP ने निर्दलीय दिलीप राय को समर्थन देकर प्रतिद्वंद्विता बढ़ा दी है.

हरियाणा: हरियाणा में राज्‍यसभा की दो सीटों पर चुनाव है. BJP ने केवल एक उम्मीदवार उतारा है, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच टकराव की संभावना है.

राज्यसभा चुनाव 2026 सत्ता समीकरणों को प्रभावित करने वाले साबित होंगे. कई राज्यों में बीजेपी और NDA की स्थिति मजबूत दिख रही है, वहीं विपक्ष भी जहां मौका मिल रहा है, कड़ी टक्कर दे रहा है. अधिकतर सीटों पर निर्विरोध परिणाम से माहौल शांत दिख रहा है, लेकिन बिहार, ओडिशा और हरियाणा चुनावी रोमांच बनाए हुए हैं.

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