संपत्ति के लालच में रिश्तों का खून – मुंगेली पुलिस ने त्रिनयन तकनीक से सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस, सभी आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट : विजय तिवारी
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। संपत्ति के लालच में परिवार के ही लोगों ने सुपारी देकर हत्या करवाई थी। मुंगेली पुलिस ने त्रिनयन ऐप, CCTV फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सहित कुल 15 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं।
संपत्ति और सोने के लालच में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि रिटायर्ड शिक्षा विभाग के अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत के पास करोड़ों की संपत्ति और सोना था। संपत्ति विवाद और लालच के चलते छोटे भाई ने अपने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए गांव के युवक को सुपारी दी गई और इसके बदले रकम और जमीन देने की डील तय की गई थी।
पूजा के बहाने बुलाकर रास्ते में हत्या
21 मार्च को दामोदर सिंह को गांव में पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने बुलाया गया। रास्ते में सुनसान इलाके में पहले से मौजूद आरोपियों ने उनकी गाड़ी रुकवाई और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कार में डालकर दूसरे जिले के जंगल में ले जाकर नदी किनारे रेत में दफना दिया गया।
शव ठिकाने लगाने के लिए बदली गई कार
शव को ले जाते समय आरोपियों की कार खराब हो गई, जिसके बाद दूसरी कार मंगवाकर शव को उसमें शिफ्ट किया गया। बाद में जंगल में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक का मोबाइल दूसरे राज्य भेजकर नदी में फिंकवा दिया गया ताकि लोकेशन भटक जाए।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, तकनीक से खुला राज
जब दामोदर सिंह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश शुरू की और पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट के CCTV कैमरे खंगाले। त्रिनयन ऐप और तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध वाहन की पहचान की गई, जो मृतक की बाइक का पीछा करता हुआ दिखाई दिया। वाहन मालिक और संदिग्धों से पूछताछ के बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
परिवार और रिश्तेदार ही निकले आरोपी
जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश में परिवार के ही कई लोग शामिल थे। पुलिस ने छोटे भाई, साला, चचेरे भाई, भतीजे सहित कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वाहन और नकदी भी जब्त की है। सभी बालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
पहले भी की गई थी हत्या की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति अपने नाम कराने की कोशिश की थी। इसके अलावा एक बार सड़क हादसे के जरिए भी उन्हें मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे बच गए थे। बाद में सुपारी देकर हत्या करवाई गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला संपत्ति हड़पने की साजिश और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। तकनीकी जांच और पुलिस की लगातार कार्रवाई से अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।