समालखा (हरियाणा) में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा सम्पन्न, कर्णावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस — देशभर में 1.34 लाख से अधिक शाखाएँ सक्रिय

Update: 2026-03-16 16:05 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 13 से 15 मार्च 2026 तक हरियाणा के समालखा में सम्पन्न हुई। तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के विस्तार, सेवा गतिविधियों, समाज संपर्क और आने वाले समय की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले , सभी सह-सरकार्यवाहों सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े कुल 1487 प्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता को पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले दिवंगत महानुभावों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

प्रतिनिधि सभा में लिए गए निर्णयों और संघ के कार्यों की जानकारी देने के लिए देश के विभिन्न स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। गुजरात प्रांत के अहमदाबाद (कर्णावती) में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रांत संघचालक भरत भाई पटेल ने मीडिया को संगठन की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

तेजी से बढ़ रहा संघ का संगठनात्मक नेटवर्क

प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्तमान समय में देशभर में संघ का संगठनात्मक विस्तार लगातार बढ़ रहा है। अभी पूरे देश में संघ की कुल 1,34,766 शाखाएँ संचालित हो रही हैं।

इनमें

88,949 दैनिक शाखाएँ

32,606 साप्ताहिक मिलन

13,211 संघ मंडलियाँ

शामिल हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में संघ के विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

दैनिक शाखाओं में 5820 की बढ़ोतरी

साप्ताहिक मिलनों में 459 की वृद्धि

संघ मंडलियों में 1120 का इजाफा हुआ है।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार यह वृद्धि समाज के विभिन्न वर्गों में संगठन के प्रति बढ़ते जुड़ाव और सहभागिता को दर्शाती है।

देशभर में 96 हजार से अधिक सेवा प्रकल्प

संघ और उसकी विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से देशभर में बड़े पैमाने पर सामाजिक सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में कुल 96,045 सेवा प्रकल्प सक्रिय हैं।

इनमें

45,931 शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्य

15,632 स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित परियोजनाएँ

16,594 स्वावलंबन और रोजगार उन्मुख कार्यक्रम

17,888 सामाजिक जागरूकता और जनजागरण गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त देशभर में 15,680 संघ शाखाएँ सीधे तौर पर किसी न किसी सेवा गतिविधि का संचालन कर रही हैं, जिसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सहायता और सहयोग पहुँचाया जा रहा है।

गुजरात में संघ कार्य का विस्तार

गुजरात प्रांत में भी संघ का कार्य लगातार विस्तार कर रहा है। वर्तमान में राज्य में

1610 दैनिक शाखाएँ

1270 साप्ताहिक मिलन

1133 संघ मंडलियाँ

सक्रिय हैं।

इन शाखाओं में लगभग 60 प्रतिशत छात्र वर्ग और 40 प्रतिशत व्यवसायिक तथा पेशेवर वर्ग से जुड़े स्वयंसेवक भाग लेते हैं।

सेवा गतिविधियों के स्तर पर गुजरात में संघ और उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा कुल 2688 सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं।

गृह संपर्क अभियान : 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच

संघ द्वारा चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत देशभर में व्यापक स्तर पर समाज संपर्क किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक

3.89 लाख गांवों और शहरों

31 हजार से अधिक क्षेत्रों

10.02 करोड़ परिवारों

से संपर्क स्थापित किया जा चुका है।

इस दौरान स्वयंसेवकों ने समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करते हुए सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और “पंच परिवर्तन” जैसे विषयों पर चर्चा की।

अभियान की एक विशेष बात यह भी रही कि स्वयंसेवकों ने 55 हजार मुस्लिम परिवारों और 54 हजार ईसाई परिवारों से भी संपर्क किया, जहां कई स्थानों पर उनका सकारात्मक स्वागत किया गया।

देशभर में 36 हजार से अधिक हिंदू सम्मेलन

संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में व्यापक स्तर पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब तक 36 हजार से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।

ये सम्मेलन अरुणाचल प्रदेश से लेकर Andaman and Nicobar Islands तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किए जा रहे हैं।

ऐतिहासिक अवसरों पर विशेष कार्यक्रम

प्रतिनिधि सभा में बताया गया कि सिखों के नौवें गुरु गुरू तेग बहादुर सिंह के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 7 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

इसके साथ ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भी संघ के स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

आगामी समय में संत शिरोमणि गुरू रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर भी देशभर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।

संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी

प्रतिनिधि सभा में संघ की संगठनात्मक संरचना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकेंद्रीकरण पर भी विचार किया गया। वर्तमान में देशभर में संघ के 46 प्रांत हैं।

भविष्य में प्रांत व्यवस्था के स्थान पर संभाग आधारित नई संरचना लागू करने की योजना है। इस नई व्यवस्था के तहत आने वाले समय में देशभर में 80 से अधिक संभाग बनाए जाने की संभावना जताई गई है, जिससे संगठनात्मक कार्य को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

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