इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को एक बयान में कहा कि जनवरी से जुलाई तक का एरियर और अगस्त का वेतन मिलाकर सरकार को 34,600 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ेगा.
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जीपीएफ और एनपीएस के मद में जरूरी समायोजन करते हुये एक जनवरी 2016 से लेकर अब तक के बकाये वेतन का भुगतान अगस्त के वेतन के साथ एकमुश्त नकद कर दिया जायेगा.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने एक जनवरी, 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत सरकार के एक करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन व पेंशन में 2.57 फीसद की बढ़ोतरी की जा चुकी है. केंद्र सरकार इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर चुकी है.
7वे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केन्द्र सरकार में एक जनवरी 2016 से न्यूनतम वेतन पहले के 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए मासिक होगा. जबकि कैबिनेट सचिव के स्तर पर यह 90,000 रपये से बढ़कर 2.5 लाख रुपए मासिक होगा.