लाहौर। मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की नर्सरी में पैदा हुए आतंकी पाकिस्तान में आईएस का झंडा उठा रहे हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से ऐसे आठ दहशतगर्दों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अखबार डॉन ने खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया है कि गिरफ्तार आतंकी आईएस में शामिल होने से पहले हाफिज के जमात उद दावा (जेयूडी) से जुड़े थे।
खुफिया एजेंसियों और पंजाब आतंकरोधी विभाग की संयुक्त टीम ने लाहौर से 120 किमी दूर सियालकोट के बाहरी इलाके में सोमवार देर रात एक घर पर दबिश देकर इनलोगों को गिरफ्तार किया। भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और प्रचार सामग्री भी जब्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब प्रांत के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े इनलोगों में से तीन ने सैन्य प्रशिक्षण ले रखा है।
गिरफ्तार संदिग्ध एजेंसियों की नजर से बचे रहने के लिए सोशल मीडिया और स्काइप के जरिये एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि पूरे पंजाब में आईएस का प्रसार करने के लिए ये लड़ाकों की भर्ती और फंड इकट्ठा करने का काम कर रहे थे। इनका शुरुआती मकसद पाकिस्तान की पुलिस और सेना के प्रति लोगों में नफरत पैदा करना था।
अधिकारियों ने बताया कि इनलोगों ने आईएस प्रमुख अल बगदादी के प्रति निष्ठा और पाकिस्तान में खिलाफत की स्थापना की शपथ जून में सियालकोट जिले के दस्का तहसील में ली थी। बाबर बट्ट उर्फ अबु अक्सा और नदीम बट्ट नामक दो भाइयों ने इन्हें आईएस से जोड़ा था। सीरिया में पाकिस्तानी लड़ाकों का नेतृत्व करने वाले अबु मुआविया के संपर्क में भी ये लोग थे।
इनसे पूछताछ से पता चला है कि बगदादी ने हाफिज सईद खान को खोरसान (ईरान और अफगानिस्तान के कुछ इलाके) का अमीर नियुक्त किया है। उसे ही पाकिस्तान की भी जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी ओर, जेयूडी ने कहा है कि उसका कोई भी पूर्व अथवा मौजूदा सदस्य आईएस के संपर्क में नहीं है। संगठन के प्रवक्ता याह्या मुजाहिद ने बताया कि जेयूडी का मध्य-पूर्व में सक्रिय इस समूह से कोई संपर्क नहीं है और वह उसके विचारों का भी विरोधी है।