कोयंबटूर : आरक्षण समाप्त किए जाने की संभावना से इंकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर परोक्ष मगर तीखा हमला बोला और कहा कि देश को विघटित करने के लिए ‘सोची समझी साजिश’ के तहत दलितों के मुद्दे पर ‘झूठ का अभियान’ शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘दलितों के नाम पर झूठ फैलाए जा रहे हैं। जहां कहीं भी वे जाते हैं, जब कभी वे जाते हैं, बार-बार, ऊंची आवाज में वे झूठ बोलते हैं। दलितों को गुमराह करने और मूर्ख बनाने के लिए झूठ बोलने का एक अभियान शुरू किया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘यह देश को विघटित करने के लिए सोची समझी साजिश है, ताकि लोग एक दूसरे से लड़ें। वे लोग निराश हैं क्योंकि उनसे सत्ता ले ली गयी है। वे हमेशा मानते थे कि वे (दलित) उनके मतदाता हैं और अब मोदी उनके लिए काम कर रहा है। उन्हें डर है कि मोदी का क्या किया जाए। वे दलितों को मोदी का समर्थन करने से रोकना चाहते हैं।’ मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि प्रधानमंत्री का निशाना कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर था जो दलित शोघ छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर आंदोलन में शामिल होने के लिए हाल ही में दो बार हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय गए।
मोदी ने कहा कि गरीब श्रमिकों को अधिक बोनस भुगतान के लिए लोकसभा ने एक विधेयक पारित किया लेकिन विपक्ष ने राज्यसभा में इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन सरकार की प्राथमिकता दलितों, पिछड़ों और वंचितों के कल्याण के लिए काम करना है। हमारी ओर से, हम कोई कसर नहीं छोंडेंगे।’’ मोदी ने कहा कि उनके सत्ता में आने के बाद एक दिन भी ऐसा नहीं बीता होगा जब सरकार ने गरीबों के हित में कोई अच्छी पहल नहीं की हो।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन समर्पित करने और लंदन में उनका घर हासिल किए जाने जैसे कदमों से विपक्ष परेशान हो गया है क्योंकि उनका मानना था कि दलित समुदाय उनका वोट बैंक हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष दलितों के खिलाफ किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार पर दोषारोपण कर रहा है। देश की आर्थिक प्रगति के बारे में, मोदी ने कहा कि सरकार ने वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए कई सुधार शुरू किए हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व बैंक और आईएमएफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया है।
घोटालों आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘कल्पना करिए कि सिर्फ दो साल पहले कैसी स्थिति थी।’
केरल में आयुर्वेद सम्मेलन में भाग लेने के बाद मोदी एक दिन की तमिलनाडु यात्रा पर यहां पहुंचे। इसके पहले उन्होंने 580 करोड़ रूपए की लागत से तैयार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया तथा इसे तमिलनाडु सरकार को सौंपा।
अस्पताल राज्य सरकार को सौंपे जाने को अपनी सरकार के ‘सहयोगात्मक संघवाद’ के मंत्र के प्रति प्रतिबद्धता करार देते हुए मोदी ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को 500 बिस्तरों की क्षमता वाले मेडिकल कालेज अस्पताल को शुरू करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
एमबीबीएस की 100 सीटों में से 26 सीटें ईएसआई योजना के तहत बीमाधारी व्यक्तियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी मोदी ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को सरल बनाकर और उन्हें मिलाकर चार श्रम संहिताओं के रूप में पेश किया जाएगा।
समारोह में और जनसभा में केंद्रीय मंत्रीगण बंडारू दत्तात्रेय और पी राधाकृष्णन, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच राजा, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष टी सौंदरराजन सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए।
मोदी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे और उम्मीद थी कि इस रैली से भाजपा तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू करेगी लेकिन उन्होंने स्थानीय राजनीति से पूरी तरह परहेज किया।
भाषा
उन्होंने कहा, ‘दलितों के नाम पर झूठ फैलाए जा रहे हैं। जहां कहीं भी वे जाते हैं, जब कभी वे जाते हैं, बार-बार, ऊंची आवाज में वे झूठ बोलते हैं। दलितों को गुमराह करने और मूर्ख बनाने के लिए झूठ बोलने का एक अभियान शुरू किया गया है।’
उन्होंने कहा, ‘यह देश को विघटित करने के लिए सोची समझी साजिश है, ताकि लोग एक दूसरे से लड़ें। वे लोग निराश हैं क्योंकि उनसे सत्ता ले ली गयी है। वे हमेशा मानते थे कि वे (दलित) उनके मतदाता हैं और अब मोदी उनके लिए काम कर रहा है। उन्हें डर है कि मोदी का क्या किया जाए। वे दलितों को मोदी का समर्थन करने से रोकना चाहते हैं।’ मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन ऐसा प्रतीत हुआ कि प्रधानमंत्री का निशाना कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर था जो दलित शोघ छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर आंदोलन में शामिल होने के लिए हाल ही में दो बार हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय गए।
मोदी ने कहा कि गरीब श्रमिकों को अधिक बोनस भुगतान के लिए लोकसभा ने एक विधेयक पारित किया लेकिन विपक्ष ने राज्यसभा में इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन सरकार की प्राथमिकता दलितों, पिछड़ों और वंचितों के कल्याण के लिए काम करना है। हमारी ओर से, हम कोई कसर नहीं छोंडेंगे।’’ मोदी ने कहा कि उनके सत्ता में आने के बाद एक दिन भी ऐसा नहीं बीता होगा जब सरकार ने गरीबों के हित में कोई अच्छी पहल नहीं की हो।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दो दिन समर्पित करने और लंदन में उनका घर हासिल किए जाने जैसे कदमों से विपक्ष परेशान हो गया है क्योंकि उनका मानना था कि दलित समुदाय उनका वोट बैंक हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष दलितों के खिलाफ किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार पर दोषारोपण कर रहा है। देश की आर्थिक प्रगति के बारे में, मोदी ने कहा कि सरकार ने वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए कई सुधार शुरू किए हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व बैंक और आईएमएफ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया है।
घोटालों आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘कल्पना करिए कि सिर्फ दो साल पहले कैसी स्थिति थी।’
केरल में आयुर्वेद सम्मेलन में भाग लेने के बाद मोदी एक दिन की तमिलनाडु यात्रा पर यहां पहुंचे। इसके पहले उन्होंने 580 करोड़ रूपए की लागत से तैयार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया तथा इसे तमिलनाडु सरकार को सौंपा।
अस्पताल राज्य सरकार को सौंपे जाने को अपनी सरकार के ‘सहयोगात्मक संघवाद’ के मंत्र के प्रति प्रतिबद्धता करार देते हुए मोदी ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को 500 बिस्तरों की क्षमता वाले मेडिकल कालेज अस्पताल को शुरू करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
एमबीबीएस की 100 सीटों में से 26 सीटें ईएसआई योजना के तहत बीमाधारी व्यक्तियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी मोदी ने कहा कि 44 श्रम कानूनों को सरल बनाकर और उन्हें मिलाकर चार श्रम संहिताओं के रूप में पेश किया जाएगा।
समारोह में और जनसभा में केंद्रीय मंत्रीगण बंडारू दत्तात्रेय और पी राधाकृष्णन, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच राजा, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष टी सौंदरराजन सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए।
मोदी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे और उम्मीद थी कि इस रैली से भाजपा तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू करेगी लेकिन उन्होंने स्थानीय राजनीति से पूरी तरह परहेज किया।
भाषा