सीएम के हस्तक्षेप के बाद बदमाश गिरफ्तार

Update: 2016-08-04 11:06 GMT

मुठभेड़ में गिरफ्तार अजीत ने साउथ कोरिया की मल्टीनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के सीईओ से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले की शिकायत सीईओ ने ढाई माह पूर्व खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की थी।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद ही मुस्तैदी दिखाते हुए बदमाशों की गिरफ्तारी की गई है। जिले में कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो बड़ी कंपनियों व फैक्ट्रियों से रंगदारी मांगते रहते हैं। 

करीब ढाई माह पूर्व बादलपुर निवासी अजीत उर्फ जीता ने सीईओ को फोन कर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही, चार लोगों को कंपनी में नौकरी पर रखने का दबाव भी बनाया। 

अजीत ने सीईओ को धमकी दी कि अगर वह रंगदारी की रकम और नौकरी नहीं देगा तो उसकी सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी जाएगी। कंपनी के नोएडा सेक्टर-62 और ग्रेटर नोएडा में ऑफिस हैं। 

सीईओ ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की थी शिकायत

मामले की शिकायत सीईओ ने फौरन मुख्यमंत्री से की। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन एसएसपी किरण एस. को निर्देश दिया कि रंगदारी मांगने वाले बदमाश को जल्द पकड़कर गिरोह का पर्दाफाश किया जाए। 

इस बीच एसएसपी का ट्रांसफर सीबीआई में हो गया और उनके स्थान पर एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने चार्ज संभाल लिया। घटना की जांच जारी थी और गिरोह का मुखिया लगातार सीईओ को धमकी दे रहा था। इस बीच 2 अगस्त को नोएडा क्राइम ब्रांच की क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग ने अजीत सहित गिरोह के पांचों बदमाशों को दबोच लिया।

'करीब ढाई माह पूर्व साउथ कोरिया की मल्टीनेशनल इलेक्ट्रानिक्स कंपनी के सीईओ से 20 लाख रुपये रंगदारी व चार लोगों को नौकरी कंपनी में देने के लिए 15 हजार के इनामी अजीत ने कई बार फोन किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत सीईओ ने मुख्यमंत्री से की थी।' - वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

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