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पीएम मोदी का बड़ा एलान- फ्रंट लाइन वर्करों को प्रीकाशनरी डोज, 15 साल से ऊपर के किशोरों को लगेगा टीका

पीएम मोदी का बड़ा एलान- फ्रंट लाइन वर्करों को प्रीकाशनरी डोज, 15 साल से ऊपर के किशोरों को लगेगा टीका
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नई दिल्ली, । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार देर शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए कोरोना संक्रमण काल में देशवासियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए 15 से 18 साल के आयुवर्ग के बीच के बच्चों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की घोषणा की। साथ ही कहा कि कोमोर्बिडिटी (गंभीर बीमारी) वाले 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और स्वास्थ्यकर्मियों तथा फ्रंटलाइन वर्करों के लिए टीके की प्रीकाशन डोज (बूस्टर डोज) की शुरुआत भी 10 जनवरी से की जाएगी। पीएम ने अपने संबोधन में ओमिक्रोन के संक्रमण के बीच हाथ धोने और मास्क लगाने जैसे कोरोना से बचाव के उपाय जारी रखने की अपील भी देशवासियों से की।

पीएम के संबोधन की खास बातें

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हाथ धोने और मास्क पहनने की आदत बढ़ रही है।

देश के पास 18 लाख आइसोलेशन बेड हैं, पांच लाख आक्सीजन वाले बेड हैं, 1,40,000 आइसीयू बेड हैं।

बच्चों के लिए बी आइसीयू और नान आइसीयू बेड हैं।

देश में 3,000 से ज्यादा पीएसए आक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं, चार लाख आक्सीनजन सिलेंडर देश भर में दिए गए हैं।

जरूरी दवाओं की बफर डोज के लिए राज्यों की सहायता की गई है।

पर्याप्त टेस्टिंग किट में भी राज्यों की मदद की जा रही है।



ओमिक्रोन संक्रमण के बाद लिए फैसले

टेलीविजन संदेश के जरिये प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया है। इसके लिए हमने भारत के विज्ञानियों से परामर्श किया और वैज्ञानिक सिद्धांतों व पद्धतियों के अनुसार चले। वर्तमान में ओमिक्रोन की चर्चा है। विश्व में इसके अनुभव और अनुमान अलग-अलग हैं। भारत के वैज्ञानिक भी पूरी बारीकी से निगाह रखे हुए हैं। आज कुछ फैसले किए गए हैं। आज अटल जी का जन्मदिन है, क्रिमसम का त्योहार है इसलिए लगा कि इन फैसलों को साझा करना चाहिए। पीएम ने कहा कि तीन जनवरी, सोमवार से देश में बच्चों के लिए टीकाकरण प्रारंभ होगा। यह फैसला कोरोना को खिलाफ देश की लड़ाई को मजबूत करेगा। स्कूल-कालेज जा रहे बच्चों और माता-पिता का चिंता कम होगी।

प्रीकाशन डोज पर भी लिया फैसला

पीएम ने आगे कहा कि हमारा अनुभव है कि कोरोना वारियर, फ्रंटलाइन वर्कर का बहुत बड़ा योगदान है। आज भी कोरोना मरीजों की सेवा में वह बहुत समय बिताते हैं। इसलिए फैसला किया है कि हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके की प्रीकाशन डोज 10 जनवरी से दी जाएगी। 60 वर्ष से अधिक आयु और अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त लोगों को भी डाक्टर की सलाह पर 10 जनवरी से प्रीकाशन डोज दी जा सकेगी।

भ्रम, अफवाह से बचें

मोदी ने कहा कि एक आग्रह है कि अफवाह, भ्रम, और डर पैदा करने के प्रयास चल रहे हैं, उनसे बचें। हम सभी देशवासियों ने मिलकर सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया है। आने वाले समय में उसे विस्तार देना है। हम सभी के प्रयास इस लडा़ई में देश को मजबूत करेंगे।

निर्देशों का पालन बड़ा हथियार

पीएम ने कहा कि अब तक का अनुभव है कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी निर्देशों का पालन बड़ा हथियार है। दूसरा हथियार वैक्सीनेशन है। देश ने बीमारी की गंभीरता को समझते हगुए बहुत पहले वैक्सीन निर्माण पर मिशन मोड पर काम किया। रिसर्च, एप्रवूल प्रोसेस, सप्लाई चेन, आइटी सपोर्ट और सर्टिफकेशन पर निरतंर काम किया। तैयारियों का नतीजा था कि भारत ने इस साल 16 जनवरी से वैक्सीन देना शुरू किया। आज भारत ने 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व लक्ष्य को पार किया है। 61 प्रतिशत से अधिक वयस्कों को दोनों डोज और लगभग 90 प्रतिशत को एक डोज लग चुकी है। पर्यटन के लिहाज से अहम राज्यों खासकर गोवा, उत्तराखंड और हिमाचल ने शत प्रतिशत सिंगल डोज वैक्सीनेशन का लक्ष्य पाया है।

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