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ज्ञानवापी का सर्वे: सच सामने लाने को कल से शुरू होगी कार्यवाही, डीएम ने दोनों पक्षों के साथ की बैठक

ज्ञानवापी का सर्वे: सच सामने लाने को कल से शुरू होगी कार्यवाही, डीएम ने दोनों पक्षों के साथ की बैठक
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वाराणसी के ज्ञानवापी का सच सामने लाने के लिए अदालत के आदेश पर शनिवार सुबह आठ बजे से कमीशन की कार्यवाही शुरू होगी। यह जानकारी जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा दी। उन्होंने एसीपी चेतगंज कार्यालय में धर्म गुरुओं और दोनों पक्ष के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि कल से सर्वे कमीशन की कार्यवाही एडवोकेट कमिश्नर के द्वारा की जाएगी।

इसको लेकर सभी पक्ष के लोगों के साथ बैठक हुई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। डीएम के मुताबिक, दोनों पक्षों ने कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने में सहयोग की बात कही है। सर्वे की कार्यवाही सुबह आठ बजे से 12 बजे तक होगी।

बड़ी संख्या में ज्ञानवापी पहुंचे नमाजी

इधर, शुक्रवार दोपहर बाद काफी संख्या में नमाजी ज्ञानवापी परिसर में जुमे की नमाज के लिए पहुंचे हैं। बीते शुक्रवार को भी रिकॉर्ड संख्या में नमाजी ज्ञानवापी मस्जिद पहुंचे थे। आज विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार पर फिर काफी भीड़ जमा हुई। इसको देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को काफी चाक-चौबंद कर दिया है। शहर के अलग-अलग मस्जिदों में भी नमाज अदा की जा रही है।

17 मई से पहले पूरा होगा सर्वे का काम

अदालत के आदेश के बाद बाद अधिवक्ता आयुक्त ने कमीशन की कार्यवाही को 17 मई से पहले पूरा करने का दावा किया है। ऐसे में चार से पांच दिन की कमीशन की कार्यवाही में ज्ञानवापी परिसर की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के जरिए रिपोर्ट तैयार होगी। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के मामले में अदालत ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया था।

परिसर के तहखाने तक वीडियोग्राफी व सर्वेकराने संबंधी आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि कि ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो, पूरे परिसर के सर्वे की कार्यवाही पूरी करवाएं। सर्वे की कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की गई है।

कमीशन की कार्यवाही में बाधा डाली तो खैर नहीं

अदालत ने आदेश में कहा है कि कमीशन की कार्यवाही में किसी की ओर से कोई बाधा डाले जाने पर जिला प्रशासन प्राथिमिकी दर्ज करवाकर सख्त विधिक कार्यवाही करे। इसके साथ ही डीजीपी और मुख्य सचिव को पूरे मामले की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया है और कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त इस मामले में लापरवाही न करें।

अदालत ने तीन एडवोकेट कमिश्नर बनाए

एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र को हटाने की मांग को खारिज करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि किसी कीमत पर सर्वे की कार्यवाही नहीं रुकेगी। एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र को आगे का सर्वे जारी रखने का आदेश देते हुए उनके सहयोग के लिए विशेष सर्वे अधिवक्ता के रूप में अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह को तैनात किया गया है। इनमें किसी भी अधिवक्ता की गैरमौजूदगी में काम नहीं रुकेगा।

यह है पूरा मामला

वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने समेत अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने का स्पष्ट आदेश देने की अपील की गई थी। वहीं, प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने अधिवक्ता आयुक्त को बदलने की मांग की थी।

श्रृंगार गौरी के रोजाना दर्शन पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।

छह मई को कमीशन की कार्यवाही शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। सात मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। इस प्रार्थना पत्र पर तीन दिन से अदालत में सुनवाई चल रही थी। फैसले के बाद अब शनिवार से कमीशन की कार्यवाही शुरू होगी।

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