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राजातालाब तहसील कर्मचारि‍यों के नि‍लंबन का वि‍रोध कर रहे है लेखपाल संघ के अध्यक्ष

राजातालाब तहसील कर्मचारि‍यों के नि‍लंबन का वि‍रोध कर रहे है लेखपाल संघ के अध्यक्ष
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वाराणसी। राजातालाब तहसील के दो लेखपालों और एक अमीन के निलंबन के विरोध में लेखपाल संघ प्रदर्शन कर रहा है। राजातालाब तहसील में चल रहे इस प्रदर्शन में मंगलवार को उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने लेखपाल संघ के अध्यक्ष मानसिंह को एस्मा की नोटिस तलब की है। इस सूचना से लेखपालों में हड़कंप मचा हुआ है।

बता दें की आबादी की ज़मीन पर उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव के दिए गए आदेश पर ओवरराइटिंग कर उनके स्टेनों के साथ अटैच अमीन ने गलत आदेश दिया, जिसपर दोनों लेखपालों ने कार्रवाई की थी।

इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी ने बताया कि जन सुनवाई में एक आबादी की ज़मीन के प्रकरण को लेकर प्रार्थी ने प्रार्थनापत्र दिया था। इसपर नियमनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। स्थानीय थाना प्रभारी और कानूनगो को, इसपर रिपोर्ट आयी की मामला पूरी तरह से आबादी का है, जिसमें एक पक्ष दूसरे पक्ष से ज़मीन को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहता है, जो कि दीवानी न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है।

सिद्धार्थ यादव ने बताया कि इसपर हमारे स्तर से मात्र शान्ति व्यवस्था के सम्बन्ध में कार्रवाई की जाती है। बाकी अवैध अतिक्रमण आदि के मामले में कार्रवाई दीवानी न्यायालय द्वारा होती है। इस प्रकरण की आख्या मेरे द्वारा सील करके स्टेनों के पास रख दी गयी थी। उसके बाद मैं छुट्टी पर चला गया। इस दौरान मेरे स्टेनों के साथ अटैच अमीन अमित मिश्रा ने उसपर कूटरचित ओवरराइटिंग कर कानूनगो और एसओ को निर्देशित कर दिया कि उसमे अवैध अतिक्रमण मुक्त कराएं। इसके क्रम में दोनों लेखपालों द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में उस महिला का कब्ज़ा हटा दिया गया जो की पूरी तरह गलत था।

मेरे द्वारा मीटिंग लेकर इस सम्बन्ध में बार-बार लेखपालों को समझाया भी गया था कि आबादी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे। इस प्रकरण में दोनों लेखपाल और अमीन को निलंबित किया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जांच की जा रही है।

लेखपाल संघ द्वारा बहाली की मांग को लेकर चल रहे धरने के सम्बन्ध में बोलते हुए सिद्धार्थ यादव ने कहा कि अब बहाली होना मुश्किल है, क्योंकि निलंबन के बाद जांच कमेटी बैठायी गयी है। जांच कमेटी की आख्या के आधार पर ही कार्रवाई होगी।

लेखपाल संघ द्वारा दी जा रही हड़ताल के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि मैंने लेखपाल संघ के अध्यक्ष मानसिंह से बात की थी की आप लोग धरना मत दीजिये, क्योंकि यह गंभीर प्रकरण है और निलंबन ज़रूरी था। अब जांच के बाद जो रिपोर्ट आएगी उसपर करवाई होगी। उनसे कल भी धरने के लिए मना किया गया था और बताया गया था कि अब शासन द्वारा 6 महीने के लिए सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगता हुए एस्मा लगाए जाने के आदेश दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को सिद्धार्थ यादव ने लेखपाल संघ के अध्यक्ष मानसिंह के विरुद्ध एस्मा की नोटिस तामील करा दी है।

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