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24 घंटे की कड़ी मशक्कत के पश्चात निकाला गया राज दरी जलप्रपात में डूबे युवक का शव , वन विभाग और पुलिस की संवेदनहीनता हुई उजागर...

24 घंटे की कड़ी मशक्कत के पश्चात निकाला गया राज दरी जलप्रपात में डूबे युवक का शव , वन विभाग और पुलिस की संवेदनहीनता हुई उजागर...
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खबर जनपद चन्दौली से है जहां जनपद के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध राज दरी - देव दरी जलप्रपात पर बड़ी संख्या में सैलानी आसपास के जनपदों के अलावा बिहार से छुट्टियां बिताने और मौसम का लुफ्त उठाने पहुंच रहे हैं । लेकिन इस दौरान लोग जलप्रपात का लुफ्त उठाने के चक्कर में अपनी जान को जोखिम में डाल देने से चूक भी नही रहे है।जिस कारण लगातार घटनाएं हो रही है । ऐसी ही घटना मंगलवार की शाम हुई जब एक युवक राजदरी जलप्रपात में नहाते नहाते अचानक गहरे कुंड में जा गिरा। जिससे उसकी मौत हो गई । हालांकि 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों के प्रयास से युवक का शव निकाला गया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा । लेकिन इस दौरान वन विभाग और पुलिस का शर्मनाक चेहरा भी देखने को मिला । जहां एक दूसरे पर दोनों विभाग दोषारोपण करते नजर आए और मीडिया के सवालों का जवाब भी नहीं दिया ।जिससे परिजनों पर दोहरी मार पड़ी । हद तो तब हो गयी कि अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ने बाईट के लिए फोन करने पर मीडिया कर्मियों से ये तक कह दिया कि ये मामला वन विभाग का है । जबकि नौगढ़ पुलिस ने युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया ।

बता दें कि बारिश के मौसम में जलप्रपात पर जल प्रवाह के सुंदर छवि देखने के लिए लोग बड़ी दूर दूर से आ रहे हैं। इसी क्रम में बक्सर से 10 युवकों का एक दल मंगलवार को राजदरी जलप्रपात पहुंचा। यहां पर इन युवकों में से मनोज वर्मा नहाते नहाते अचानक जल प्रपात के कुंड में जा गिरा। जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि इस दौरान तेज बहाव में जब युवक बह रहा था तो उसके दोस्तों ने उसको बचाने का पूरा प्रयास किया और शोर भी मचाया लेकिन उसको बचा नहीं पाए ।मंगलवार की शाम को काफी प्रयास किया गया लेकिन युवक का शव बरामद नहीं हुआ । इस दौरान घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को हुई तो वह भी राजदरी आ पहुंचे । काफी प्रयास खोजबीन के बाद स्थानीय लोगों ने बुधवार की देर शाम युवक का शव राज दरी जलप्रपात की कुंड से बाहर निकाला । इस दौरान मृतक के परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे। दोस्तों का भी रो रो कर बुरा हाल हो गया । घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर वन विभाग की टीम और पुलिस की टीम भी मौजूद थी। लेकिन दोनों मूकदर्शक बने रहे और मृतक के शव को खोजने कोई प्रयास तक नहीं किया ।इस दौरान मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो वन विभाग और पुलिस एक दूसरे पर दोषारोपण करते नजर आए। हालांकि वन विभाग और पुलिस बल के अधिकारी मीडिया से बात करने से बचते रहे । यही नहीं पुलिस प्रशासन और वन विभाग के लोगों ने परिजनों की सहायता तक नहीं की । ताज्जुब की बात है की राजदरी जलप्रपात पर आने के लिए वन विभाग लोगों से अच्छा खासा शुल्क वसूलता हैं और कोई सुविधा भी नहीं देता। बेशर्मी की हद देखिए कि चंदौली पुलिस के अधिकारी मौके पर थे लेकिन कोई मदद नहीं की और घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों पर दोषारोपण करते रहे ।

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