72 साल बाद पाकिस्‍तान के मंदिर में मनाई गई दिवाली

72 साल बाद पाकिस्‍तान के मंदिर में मनाई गई दिवाली

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सियालकोट शहर के हिंदू समुदाय के लिए दिवाली खास रही। यहां के शवाला तेजा सिंह मंदिर में 72 साल बाद दिवाली मनाई गई। यह मंदिर 72 साल तक बंद रहने के बाद कुछ महीने पहले श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मंदिर में दिवाली मनाने के लिए शहर के हिंदू समुदाय ने खास इंतजाम किए। इस मौके पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे मंदिर को सजाया गया था।

भारत विभाजन के समय से ही बंद था मंदिर

ईटीबीपी ने कुछ महीने पहले मंदिर को खोलने का फैसला किया था। यह मंदिर भारत विभाजन के समय से ही बंद था। इस समय मंदिर के जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। सालों के बाद पहली बार इस मंदिर में दिवाली मनाई गई। इस बारे में पंजाब के ईटीबीपी के उप सचिव सैयद फराज अब्बास ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान और ईटीबीपी चेयरमैन के निर्देश के बाद हिंदू और सिख धर्मस्थलों के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। शावाला तेजा सिंह मंदिर का खोला जाना इस बात का सबूत है कि यहां अल्‍पसंख्‍यक धार्मिक समुदायों के लिए पर्याप्‍त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेशावर, कराची, सिंध के सुक्कुर व अन्य इलाकों में और लाहौर और रावलपिंडी के कृष्णा मंदिरों में दिवाली मनाने के लिए सरकार ने बड़ी राशि सरकार ने जारी की है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने रविवार को यहां सिंध के कश्‍मोर जिले के गुरुद्वारे में एक दिवाली कार्यक्रम में भाग लिया। यह जानकारी पाकिस्‍तानी मीडिया रिपोर्ट के हवाले से मिली।

बिलावल यहां सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह के साथ गुरुद्वारा साहेब सिंह सभा में पहुंचे। गुरुद्वारा प्रमुख सरदार महेश सिंह ने पीपीपी अध्यक्ष का स्वागत किया और उन्हें सरोपा' और स्मृति चिन्ह भेंट किया। बिलावल ने कहा कि वह पाकिस्तान के हिंदू और सिख समुदायों को दिवाली की शुभकामनाएं देने आए हैं। पीपीपी ने प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकारों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं गुरुद्वारा में दिवाली मनाने का अवसर देने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को धन्यवाद देता हूं।

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