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छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरफ्तार, कोर्ट में होंगे पेश

छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरफ्तार, कोर्ट में होंगे पेश

शाहजहाँपुर, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृह राज्य मंत्री रहे स्वामी चिन्मयानंद को छात्रा से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एसआइटी ने शुक्रवार को चिन्मयानंद को बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ उनके आश्रम में घेरा। पीड़ित छात्रा का सोमवार को 164 के तहत कलमबंद बयान दर्ज करवाया गया था। उसके बाद से ही पीड़िता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का केस दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रही थी।

चिकित्सीय परीक्षण के बाद अब एसआइटी चिन्मयानंद को कोर्ट में पेश करेगी। उनकी पेशी के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से जिला एव सत्र न्यायालय के गेट पर पुलिस फोर्स तैनात है।

इससे पहले एसआइटी की टीम स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्ष आश्रम में उनके निवास से लेकर कोतवाली पहुंची। किसी भी अनहोनी की आशंका के कारण एसआइटी टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल था । एसआइटी ने पुलिस की टीम के साथ पहुंचकर स्वामी चिन्मयानंद को आश्रम से उठाया। कोतवाली ले जाने के बाद चिकित्सीय परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। जहां के ट्रामा सेंटर में चेकअप किया गया । इस दौरान एसआइटी प्रभारी नवीन अरोड़ा के साथ ही अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

एसआइटी प्रभारी नवीन अरोड़ा ने कहा- दबाव में नहीं बदलेगी जांच

स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप और रंगदारी प्रकरण की जांच कर रही एसआइटी के प्रभारी आइजी नवीन अरोड़ा ने कहा है कि उनकी जवाबदेही हाईकोर्ट के प्रति है। जिसका न सिर्फ उन्हें, बल्कि पूरी टीम को अहसास है। दोनों ही मामलों में जांच तेजी से और सही दिशा में चल रही है। हमको 23 सितंबर को अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी है। किसी के कहने या मीडिया ट्रायल से जांच का रुख नहीं बदला जाएगा।

छह सितंबर के बाद आइजी नवीन अरोड़ा बुधवार शाम एक बार फिर शाहजहांपुर पुलिस लाइंस में बने अपने अस्थाई कार्यालय में थे। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है। सभी तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं। उन्होंने बतया कि जो भी वीडियो क्लिप या साक्ष्य मिले हैं, उनकी सत्यता भी जांची जा रही है।

आरोपों को स्वामी ने बताया साजिश

लॉ छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर स्वामी चिन्मयानंद का कहना था कि वह जल्द ही एक विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रहे थे। कुछ लोग चाहते हैं कि उसका निर्माण कार्य ना हो पाए। उनके खिलाफ पूरी साजिश की गई है और इसी के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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