उन्नाव कांड : पीड़िता ने आधी गवाही व्हीलचेयर पर तो आधी स्ट्रेचर पर दी

उन्नाव कांड : पीड़िता ने आधी गवाही व्हीलचेयर पर तो आधी स्ट्रेचर पर दी

नई दिल्ली. उन्नाव रेप कांड में बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने एम्स अस्पताल में ही अस्‍थाई कोर्ट लगा कर पीड़िता के बयान दर्ज किए. इस दौरान पीड़िता ने आधी गवाही व्हीलचेयर पर बैठ कर दी और आधी गवाही के दौरान वह स्ट्रेचर पर लेटी रही. यह पूरी कार्यवाही सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक चली. इस दौरान पीड़िता की चिकित्सकीय जरूरतों के हिसाब से कार्यवाही को रोका भी गया. गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद एम्स में अस्‍थाई अदालत की स्‍थापना की गई थी. इस पूरी कार्यवाही के दौरान पीड़िता की बहन को कमरे में रहने की अनुमति दी गई थी. साथ ही एक नर्सिंग अधिकारी और एक डॉक्टर भी पीड़िता की देखरेख के लिए वहां मौजूद रहे.

डॉक्टर ने नहीं दी कोर्ट जाने की इजाजत

एम्स के डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता को किसी भी हाल में अदालत परिसर ले जाने की अनुमति नहीं दे सकते हैं. क्योंकि समय समय पर दवाओं और जांचों की जरूरत होती है. अब पीड़िता से गुरुवार को जिरह की जाएगी. यह पूरी कार्यवाही अस्पताल (Hospital) के बंद कमरे में चलेगी और इसे आम लोग व मीडिया को देखने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

कर दिया रास्ता बंद

अस्‍थाई अदालत की कार्रवाई के दौरान न्यायाधीश सुबह 10 बजे एम्स पहुंचे. इसके बाद अस्पताल के कर्मियों को भी उस रास्ते से आने जाने की अनुमति नहीं थी. इस दौरान न्यायाधीश के समक्ष पहले पीड़िता को व्हील चेयर पर ही लाया गया. गवाही शुरू होने से पहले डॉक्टरों ने पीड़िता की जांच की और उसके बाद कार्यवाही शुरू की गई. अदालत के निर्देशानुसार पीड़िता और आरोपियों के बीच पर्दा लगा हुआ था. इस दौरान पीड़िता की चिकित्सकीय स्थिति को लेकर डॉक्टरों ने भी बयान दिए.

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