चुपके से उम्भा गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर

चुपके से उम्भा गांव पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर

सोनभद्र के उम्भा गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 10 लोगों की हत्या के बाद गांव में राजनीतिकी दौरे बदस्तूर जारी है. मंगलवार को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद बिना किसी सूचना के उम्भा गांव पहुंच गए. उन्होंने नरसंहार में मारे गए और घायलों के परिजनों से मुलाकात की.

'सुरक्षा नहीं तो हथियार का लाइसेंस दें'

मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर ने कहा कि गांव में गोंड आदिवासी के लोग आज भी खौफ में हैं. उन्हें धमकियां मिल रही हैं. चंद्रशेखर ने सरकार से पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन सुरक्षा मुहैया नहीं करा सकता तो ग्रामीणों को हथियार का लाइसेंस दिया जाएं.

'सूचना देता तो प्रशासन नहीं देता इजाजत'

अचानक दौरे पर चंद्रशेखर ने कहा, 'वे बाइक से उम्भा गांव पहुंचे. अगर मैं अपने आने की सूचना दे देता तो जिला प्रशासन इसकी इजाजत नहीं देता. मैं अपने लोगों से मिलने आया हूं. यह बात गलत है कि दोनों पक्षों के तरफ से गोली चलाई गई. गलत खबर फैलाई जा रही है. ग्रामीणों पर हमला हुआ है.'

प्रियंका फिर पहुंच रही हैं सोनभद्र

वहीं प्रियंका गांधी एक बार फिर सोनभद्र जा रही हैं. 19 जुलाई को प्रियंका गांधी के सोनभद्र जाने के फैसले के बाद उठे सियासी तूफान ने देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया था. प्रियंका की हिरासत और धरने के बाद बैकफुट पर आई राज्य सरकार को घेरने के लिए प्रियंका गांधी ने सोनभद्र मामले में पीड़ित परिवारों को कांग्रेस पार्टी की तरफ से 10-10 लाख के मुआवज़े का ऐलान किया था. अब प्रियंका गांधी खुद इन परिवारों को मुआवज़े की धनराशि का चेक सौंपना चाहती हैं, जिसके लिए आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर दोबारा उनके सोनभद्र दौरे की तैयारी की जा रही है.

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