'लालू' ने ना लगाया होता ये अड़ंगा तो मुलायम होते PM

लालू ने ना लगाया होता ये अड़ंगा तो मुलायम होते PM

मुलायम सिंह यादव के सामने यादव ने ही डाला अड़ंगा

उत्तर प्रदेश में भूमिपुत्र के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव के पीएम बनने का सपना जून 1997 में पूरा होने वाला था. एचडी देवेगौड़ा की सरकार तब गिर गई जब नए कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी ने उससे समर्थन वापस ले लिया. संयुक्त मोर्चा पूरी शिद्दत से एक नए प्रधानमंत्री की तलाश में जुटा हुआ था.

देवेगौड़ा बताते हैं, "मुलायम सिंह यादव का नाम सामने आया लेकिन दो दूसरे यादव नेताओं ने अपने हाथ पीछे खींच लिए. लालू और शरद यादव ने दूसरे यादव के सामने दूसरी पंक्ति में खड़े होने से इनकार कर दिया."

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उन्होंने बताया, "तब चंद्रबाबू नायडू आए और बोले ज्यादातर लोग मुलायम सिंह यादव के पक्ष में हैं लेकिन कुछ विरोध भी हैं. अगले दिन आईके गुजराल का नाम समझौते के नाम के तौर पर घोषित किया गया."

इस बारे में बात करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा, "ये सच है कि प्रधानमंत्री बनना तय भी हो गया था. आखिरी वक्त में किसने विरोध किया, किसने नहीं बनने दिया, इस बात का कोई मतलब नहीं है."

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