समाधान विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित किया गया अंतर्राष्ट्रीय जागरूकता दिवस

समाधान विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित किया गया अंतर्राष्ट्रीय जागरूकता दिवस

रचित मिश्र

पीलीभीत। समाधान विकास समिति विपिनेट क्लब के तत्वाधान में सोमवार को 'पूर्व माध्यमिक विद्यालय आश्रम है विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएं व बालिकाएं, अंतर्राष्ट्रीय जागरूकता दिवस के अवसर पर अभिभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाया, जिसका उन्हें सदैव दुख रहेगा। महिलाओं ने इस संकल्प को दोहराया जो उनके साथ हुआ है उसे अपनी बेटियों के साथ नहीं होने देगीं। मंडलीय स्तर पर, राज्य स्तर पर, राष्ट्रीय स्तर पर बालिका का चयन होने पर उसे घर से बाहर भेजने पर कई बार सोचा जाता है। परास्नातक तक पहुंचते-पहुंचते बालिकाओं की संख्या आधी से कम रह जाती है। प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं में महिलाओं की भूमिका नगण्य थी। अवसर मिलने पर मैडम क्यूरी ने अपनी प्रतिभा विश्व में प्रदर्शित की तथा अकेली ऐसी वैज्ञानिक बनी जिनको दो बार नोबेल पुरस्कार दिया गया। आज समानता का अधिकार, महिलाओं के लिए विशेष अधिकार होते हुए भी विश्व में महिला वैज्ञानिकों का प्रतिशत मात्र 30 है जो भारत में और भी कम है। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक सृजनशील होती हैं तथा उनकी प्रबंधकीय क्षमता अधिक होती है। विज्ञान के क्षेत्र में अवसर मिलने पर महिलाएं श्रेष्ठता का प्रदर्शन करेंगीं और नए आयाम स्थापित होंगे। हमें ऐसा सामाजिक वातावरण बनाने की आवश्यकता है कि हर कोई बालिका और महिला की वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने में आगे आए तथा बालिकाएं सरकार की अनेक लोकप्रिय योजनाओं द्वारा अपने अध्ययन काल में ही शोध की ओर मुड़ें। परवीन बेगम, सखावत बेगम, रियाज बानो, फरजाना बेगम तथा छात्राओं मुस्कान, सनब्बर आफरीन, रमीशा अंसारी, नाजरीन और मंतशा को अभिभाषण प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम से महिलाओं और बालिकाओं की विज्ञान में प्रतिभा गिता के प्रयासों को गति मिली।

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