चीफ जस्टिस ने पलट दिया था जस्टिस चेलामेश्वर का फैसला, मेडिकल घोटाले पर सुनवाई में हुआ था टकराव

चीफ जस्टिस ने पलट दिया था जस्टिस चेलामेश्वर का फैसला, मेडिकल घोटाले पर सुनवाई में हुआ था टकराव


चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई वाली दो सदस्यीय बेंच के फैसले को पलट दिया था। चेलामेश्वर की बेंच ने आदेश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में घिरे ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के खिलाफ एसआईटी जांच की याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बने। दो सदस्यों की बेंच के इस फैसले को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच सदस्यीय बेंच ने पलट दिया। दीपक मिश्रा की बेंच ने चेलामेश्वर के फैसले को रद्द करते हुए कहा था कि कौन सी बेंच कौन से केस की सुनवाई करेगा, यह फैसला करना चीफ जस्टिस का काम है।

पूरा मामला मेडिकल एडमिशन घोटाले से जुड़ा हुआ है। एमसीआई स्कैम के नाम से मशहूर इस घोटाले ने पिछले साल सितंबर में मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। सीबीआई ने इस मामले में ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। जज पर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से बैन लगाए जाने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को छात्रों का रजिस्ट्रेशन करने की मंजूरी दी। सीबीआई जांच के मुताबिक, 2004 से 2010 के बीच ओडिशा हाई कोर्ट के जज रहे आईएम कुद्दीसी और उनकी सहयोगी भावना पांडे ने विभिन्न कोर्सेज में छात्रों को रजिस्टर करने के लिए लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की मदद की।

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