Top
Breaking News

बिहार इंटर टॉपर को नहीं पता अंतरा और मुखड़ा, म्यूजिक में आ गए 83 फीसदी अंक

बिहार इंटर टॉपर को नहीं पता अंतरा और मुखड़ा, म्यूजिक में आ गए 83 फीसदी अंक

अंतरा और मुखड़े में अंतर पर अटक गए जबकि संगीत में पाए हैं 83 फीसदी अंक। संगीत के प्रायोगिक ज्ञान का हाल तो और भी चौंकाने वाला। लय और ताल की गंभीरता तो दूर बमुश्किल से सा..रे.. ग.. मा बजा पाए मगर प्रैक्टिकल में 70 में 65 अर्थात 92 फीसदी से ऊपर अंक मिले हैं इस बार के बिहार टॉपर गणेश कुमार को। हिन्दी में 92 फीसदी अंक। झारखंड के गिरिडीह निवासी इंटर टॉपर (आर्ट्स) गणेश के परिणाम का लब्बोलुआब यही है।

परिणाम के तीन दिनों के बाद इंटर टॉपर गणेश आखिरकार गुरुवार को समस्तीपुर में मीडिया के सामने आया। मीडिया के सवालों में कई बार उलझा तो कभी अपनी जिंदगी के कुछ कारुणिक दास्तान सुनाए। मगर गणेश के साथ हुए आधा घंटा का संवाद एक बार फिर शिक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर गया। हालांकि उसने अपनी बात बेहद साफगोई के साथ रखी। भले ही विषयवार सवालों के जाल में कई बार फंसते दिखा।

झारखंड से यहां आकर परीक्षा देने के सवाल पर गणेश की गरीबी और मजबूरी की दुहाई देने लगा। कहा, कैंसर से पिता के निधन (2009 में) के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधे पर आ गई। वह काम की तलाश में भटकते हुए समस्तीपुर आ गया मगर पढ़ने की ललक खत्म नहीं हुई थी। पहले अखबार बेच कर गुजारा किया। फिर शिवाजीनगर के लक्ष्मीनिया हाईस्कूल से मैट्रिक की परीक्षा दी और प्रथम श्रेणी में पास किया। उत्साह बढ़ा और आएसजेएन इंटर कॉलेज, चकहबीब में नामांकन करवाया। उसकी गरीबी को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने उसकी फीस माफ कर दी थी। इसी वजह से उसने यहां नामांकन कराया और पढ़ाई पूरी कर पाया। मेहनत मजदूरी करने के कारण वह नियमित क्लास नहीं कर पाता था। इसके बावजूद कॉलेज से उसे सहयोग मिलता था। उसने बताया कि वह पढ़-लिख कर किसी तरह सरकारी नौकरी करना चाहता था।

म्यूजिक विषय के चयन पर गणेश ने कहा कि कम मेहनत कर अधिक अंक लाने के लिए उसने इस विषय को चुना। गणेश ने कहा कि गरीबी के कारण पूरी किताबें खरीद कर उसके लिए पढ़ना संभव नहीं था इसलिए पासपोर्ट और गेस पेपर से परीक्षा की तैयारी की थी। कॉलेज पहुंचे गणेश से लोगों ने म्यूजिक के अलावा हिन्दी से भी कुछ सवाल किए। कवियों और लेखकों के नाम तो बताए मगर उनकी जन्म तिथि और अन्य कुछ गंभीर सवाल में फंस गए। वैसे इंटर आर्ट्स टॉपर को पांच विषयों में डिस्टिंक्शन आए हैं। हिन्दी में 92, म्यूजिक में 83, इतिहास में 80, समाज शास्त्र में 80 और मनोविज्ञान में 59 अंक आए हैं।
इधर, रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर कॉलेज, चकहबीब, ताजपुर के प्राचार्य अभितेन्द्र कुमार ने कहा कि कोई छात्र साल भर की तैयारी के बाद भी किसी परीक्षा में सफल नहीं हो पाता है, जबकि कोई दो-तीन महीने की तैयारी में मैदान मारने में सफल हो जाता है। कॉलेज कम संसाधन के बावजूद गरीब छात्रों की मदद करता है। गणेश की भी गरीबी देखकर कॉलेज ने मदद की थी। गणेश के मामले में सभी को सकारात्मक ख्याल रखना चाहिए।

Share it