प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लॉन्च, बेहतर क्रियान्वयन में तमाम चुनौती विद्यमान है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लॉन्च, बेहतर क्रियान्वयन में तमाम चुनौती विद्यमान है

हाल ही में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की घोषणा की है।जिसमें देश के प्रत्येक लघु एवं सीमांत पात्र कृषक को सालाना ₹6000 का भुगतान 3 किस्तों में किया जाना है।इसलिये इस योजना के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि आज देश में करीब 12 करोड़ लघु सीमांत कृषक हैं परंतु कृषि आज घाटे का सौदा बनती जा रही है स्थिति यह हो गयी है कि अब किसान का बेटा किसान बनना नहीं चाहता। इसलिए इस समस्या का समाधान खोजना अब अपरिहार्य हो गया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना इसी दिशा में एक कल्याणकारी पहल प्रतीत होती है लेकिन इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन में तमाम चुनौती विद्यमान है।

चुनौतियां

पहला, आज कई राज्यों में भूमि का डिजिटल डाटा उपलब्ध नहीं है और जिन राज्यों में यह डाटा उपलब्ध भी है वहां कोई ऐसी एकल खिड़की प्रणाली नहीं है जहां से किसी कृषक की संपूर्ण भूमि का पता लगाया जा सके।उदाहरण स्वरुप भले ही कोई किसान किसी गांव,शहर,राज्य में सीमांत श्रेणी का है परंतु वही किसान किसी अन्य गांव शहर या राज्य में वृहद श्रेणी का भी हो सकता है।

दूसरा ,ध्यातव्य हो कि इस योजना में करीब 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंने है परन्तु परंपरागत रूप से इतने किसानों का सही डाटा जुटाने में लंबा वक्त लग सकता है जो इस योजना के शीघ्र क्रियान्वयन में बड़ी बाधा होगी। ऐसे में उक्त समस्याओं के समाधान से ही इस योजना को मूर्त रूप प्रदान किया जा सकता है

समाधान

इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी योजना में चुनौतियों का होना स्वाभाविक है ऐसे में कुछ उपाय इन समस्याओं का हल हो सकते हैं।

अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने आधार को वैधता प्रदान कर दी है इसलिए सरकारी धन के दुरुपयोग रोकने हेतु इस योजना में आधार को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।ताकि किसानों की पहचान मजबूत बन सके और एक ही किसान को अन्य जगहों से लाभान्वित होने से रोका जा सके। इसका दूसरा फायदा यह होगा कि आगामी दौर में भूलेखों के साथ आधार नंबर पंजीकरण होने पर अपात्रों की पहचान की जा सकेगी।इसके अलावा तत्काल एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान वेब पार्टल तैयार किये जाने की आवश्यक्ता है जिससे किसान घर बैठे या जहां भी वह वर्तमान में रह रहा है, से अपना रजिस्ट्रेशन करा सके।

ताकि इसके उपरांत इस जानकारी को सरकारी कर्मचारियों द्वारा ग्राम बार सत्यापित किया जा सके और किसानों को लाभ पहुंचाया जा सके।

अंततः यही कहा जा सकता है कि वास्तव में कृषकों की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है ऐसे में यदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का बेहतर क्रियान्वयन संभव होता है तो इसमें कोई दो राय नहीं योजना कृषि विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी

सुमित यादव

कालपी, उत्तरप्रदेश

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