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लेख - Page 2

  • 5 अगस्त को दो काम: अनुच्छेद 370 का खात्मा, राम मंदिर के निर्माण से विश्व में भारत और भारतीय नेतृत्व की प्रतिष्ठा बढ़ी : हृदयनारायण दीक्षित

    अनु. 370 की समाप्ति जैसे असंभव कार्य की तरह राम मंदिर का निर्माण भी संभव हो गया। ये दोनों कार्य भारतीय इतिहास और संस्कृति में अमर रहने वाले हैं देश की दिशा बदलने वाली तारीख: असंभव का संभव होना विस्मय होता है, लेकिन राष्ट्रीय अभिलाषा से जुड़ा असंभव संभव होकर उमंग, उत्सव और उल्लास लाता है। भारत...

  • आदर्श, व्यवहारिकता और नई शिक्षा नीति

    भारत सरकार द्वारा बनाई गई शिक्षा नीति के संबंध में इस समय हर शिक्षा मनीषी लेख लिख कर उसकी प्रशंसा कर रहा है । बड़े बड़े शिक्षा मनीषियों द्वारा लिखे लेखों को पढ़ कर मेरा मन भी नई शिक्षा नीति का सांगोपांग अध्ययन करने को हुआ। कोरोना - पर्यावरण जागरूकता अभियान शहीद सम्मान सायकिल यात्रा पर होने के कारण...

  • राखी का ऐतिहासिक झूठ...

    सन 1535 दिल्ली का शासक है हुमायूँ, बाबर का बेटा। उसके सामने देश में दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, पहला अफगान शेर खाँ, और दूसरा गुजरात का शासक बहादुरशाह। पर तीन वर्ष पूर्व सन 1532 में चुनार दुर्ग पर घेरा डालने के समय शेर खाँ ने हुमायूँ का अधिपत्य स्वीकार कर लिया है और अपने बेटे को एक सेना के साथ...

  • चुनावी रेड कार्ड, युवा सपा नेता और उनका गिरा हुआ मनोबल

    इस समय मैं कोरोना - पर्यावरण जागरूकता अभियान शहीद सम्मान सायकिल यात्रा पर हूँ । गांव गांव जाकर लोगों को कोरोना से बचने के लिए कहीं बाहर से आने बाद 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोने, बाहर जाने पर अनिवार्य रूप से मास्क या गमछे का उपयोग करने, अगर सेनिटाइजर है,वट इससे हाथों को सेनिटाइज्ड करने की प्रक्रिया...

  • उपेक्षित और बदहाली के आंसू बहाती ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी कम्पिल ।

    कोरोना - पर्यावरण जागरूकता अभियान शहीद सम्मान सायकिल यात्रा के तहत मैं दो दिन पूर्व भारत की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी कम्पिल पहुंचा। नवाबगंज से सुबह साढ़े पांच बजे गांव के रास्ते से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्सीद के गांव होते हुए कायमगंज पहुँचा। वहां से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कम्पिल पहुचने...

  • प्रेमचन्द!!

    लगभग डेढ़ दर्जन उपन्यास, तीन सौ कहानियां और तीन नाटकों के वही रचनाकार, जो फटे जूते पहनते थे। वही प्रेमचन्द जो युगों तक हिन्दी साहित्य का पेट भरते रहे पर कभी उनका पेट न भर सका। प्रेमचन्द उस समय के लेखक थे जब लेखक न वामपंथी होता था न दक्षिणपन्थी। लेखक तब केवल लेखक हुआ करता था। सामाजिक...

  • अखिलेश के लिए चुनौती बने स्वयं वादी क्षत्रप

    उत्तर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 2017 में पुनर्वापसी और 351 विधानसभा सीटें जीतने की बातें कर रहे हैं। उसके लिए रणनीति भी बना रहे हैं और उसे क्रियान्वित करने के लिए अपने सलाहकारों से विचार विमर्श भी कर रहे हैं । समयानुकूल कदम भी उठा रहे हैं ।...

  • चलो रोको, दबाओ, बंद करो यह आवाज़ें चलो तोड़ो, काटो, जलाओ, यह हिम्मत, जो जीतने को झुझारू है

    2004 से लेकर 2020 तक लगभग बावन (66) पत्रकारों ने अपनी जान गवाई है….जिसमे 2014 से 2020 तक इन 54 पत्रकारों में से 46 पत्रकारों की हत्या हुई…..पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत में पत्रकारिता और और मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से सर्वाधिक खतरनाक देशों में सम्मिलित हो चुका है ।प्रेस काउंसिल आफ इंडिया...

  • स्व. कप्तान सिंह यादव के सानिध्य में अखिलेश यादव का राजनीतिक प्रशिक्षण

    चाहे कोई व्यक्ति हो, या राजनेता उसके व्यक्तित्व के निर्माण में कई छोटे बड़े लोगों का योगदान होता है । यह सिद्धांत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी लागू होती है । कोरेना पर्यावरण जागरूकता अभियान शहीद सम्मान सायकिल यात्रा के तहत पिछले एक सप्ताह से कन्नौज के...

  • शादियों को बिना अतिरिक्त खर्च के संपन्न करने की परंपरा को बढ़ाएं आगे..!

    भदोही से विजय शंकर दूबे दहेज के साथ-साथ शादी में पानी की तरह पैसे बहाने की परंपरा सामाजिक अभिशाप..!कम से कम खर्चे में विवाह संपन्न कर संपत्ति को आपात स्थिति या अन्य जरूरतमंदों की मदद के लिए सुरक्षित रखने की करें पहल..!पिछले कई महीने के दौरान हुईं ज्यादातर शादियां परंपरागत शादियों से बिल्कुल भिन्न...

  • सत्ता की मलाई : छोटे बड़े नेताओं ने जीभ लप्लपाई

    21 वीं सदी आते आते राजनीति का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। अब राष्ट्र सेवा और जन सेवा के लिए कोई भी राजनीति में नही आता। पिछले दिनों कई राज्यों में जो घटनाक्रम हुए, उसकी जो परिणीति हुई, उससे तो यही कहा जा सकता है । यही नही, जिस दल के प्रत्याशी बन वे चुनाव लड़े, जीते और माननीय कहलाये । उसके प्रति भी...

  • जिस विकास कार्यों पर है अखिलेश को नाज, वही बने हार के कारण

    इस समय मैं कोरेना और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कोरेना पर्यावरण जागरूकता अभियान शहीद सम्मान सायकिल यात्रा पर हूँ । समाजवादी चिंतक होने के नाते समाजवाद की दिशा और दशा जानने के लिए जब कोई समाजवादी कार्यकर्ता या नेता मिल जाता है, तो कोरेना और पर्यावरण के प्रति उसे जागरूक करने के साथ ...

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