तेहरान में बड़ा एयरस्ट्राइक : राष्ट्रपति कार्यालय सहित ‘नेतृत्व परिसर’ पर इजरायल का हमला, मध्य पूर्व में तनाव चरम पर

Update: 2026-03-03 11:17 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

तेहरान/यरुशलम। मध्य पूर्व में जारी सैन्य टकराव ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। Israel Defense Forces (IDF) ने आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि इजरायली वायुसेना ने बीती रात तेहरान के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले “नेतृत्व परिसर” (Leadership Complex) पर व्यापक और सटीक हवाई हमला किया।

सेना के अनुसार, इस अभियान में लगभग 100 लड़ाकू विमानों ने भाग लिया और 250 से अधिक बम गिराए गए। इसे हाल के वर्षों में ईरान की राजधानी पर सबसे बड़े समन्वित हमलों में से एक माना जा रहा है।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

IDF के दावे के अनुसार हमले में जिन प्रमुख संरचनाओं को लक्ष्य बनाया गया, उनमें शामिल हैं।

ईरान का राष्ट्रपति कार्यालय (Presidential Bureau)

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Supreme National Security Council) का मुख्यालय

शासन के “सर्वोच्च मंच” की बैठक के लिए प्रयुक्त परिसर

ईरानी सेना अधिकारियों के प्रशिक्षण से जुड़ा संस्थान

अन्य रणनीतिक और प्रशासनिक ढांचे

इजरायली सेना ने कहा कि यह परिसर तेहरान के मध्य में कई सड़कों तक फैला हुआ है और इसे ईरान की सबसे सुरक्षित संपत्तियों में गिना जाता है।

इजरायल का आधिकारिक दावा

IDF ने अपने बयान में कहा कि इसी परिसर में ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सुरक्षा अधिकारी नियमित रूप से बैठकें करते थे। सेना का आरोप है कि यहीं से

ईरानी परमाणु कार्यक्रम की प्रगति पर रणनीतिक आकलन किया जाता था

इजरायल के खिलाफ योजनाओं पर विचार-विमर्श होता था

क्षेत्रीय नेटवर्क और सुरक्षा अभियानों का संचालन किया जाता था

इजरायल का कहना है कि यह हमला विस्तृत खुफिया जानकारी और लंबी तैयारी के बाद किया गया, जिसका उद्देश्य ईरान की कमान एवं नियंत्रण प्रणाली (Command & Control Structure) को प्रभावित करना था।

नुकसान की स्थिति और स्वतंत्र पुष्टि

हालांकि इजरायली दावों के बावजूद, स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा हमले से हुए वास्तविक नुकसान, हताहतों और संरचनात्मक क्षति की पूर्ण पुष्टि अभी नहीं हुई है। उपग्रह तस्वीरों और स्वतंत्र विश्लेषण की प्रतीक्षा की जा रही है।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव

इस हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार :

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

खाड़ी देशों में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा मजबूत की गई।

समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी।

अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में सैन्य अभियान कुछ सप्ताह तक जारी रह सकता है। साथ ही अपने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी गई है।

परमाणु ठिकानों पर क्या असर?

अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसियों के शुरुआती संकेतों के अनुसार, प्रमुख परमाणु स्थलों पर व्यापक क्षति की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति गतिशील है और विस्तृत मूल्यांकन जारी है।

भू-राजनीतिक प्रभाव -

विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे पर सीधा हमला क्षेत्रीय संघर्ष को व्यापक युद्ध की दिशा में धकेल सकता है।

संयुक्त राष्ट्र और कई प्रमुख देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता देखी जा रही है, विशेषकर तेल और ऊर्जा क्षेत्र में।

तेहरान के “नेतृत्व परिसर” पर इजरायल का यह एयरस्ट्राइक मध्य पूर्व के शक्ति संतुलन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

जहां इजरायल इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक और रणनीतिक कार्रवाई बता रहा है, वहीं ईरान ने इसे गंभीर आक्रामकता करार दिया है।

स्थिति तेजी से बदल रही है। आने वाले दिनों में जवाबी कदम, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सैन्य रणनीतियां इस संघर्ष की दिशा तय करेंगी।

दुनिया की नजरें अब तेहरान और यरुशलम पर टिकी हैं।

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