दुबई-खाड़ी में ईरानी मिसाइल हमलों के बाद भय और अफवाहों के बीच सुरक्षा सतर्कता
रिपोर्ट : विजय तिवारी
28 फ़रवरी 2026 को मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। इसके तुरंत बाद ईरान ने खाड़ी देशों की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनका असर दुबई, अबू धाबी, कतर, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत सहित कई शहरों में महसूस किया गया।
यूएई में मिसाइल इंटरसेप्शन और नागरिक सुरक्षा
यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया और दुबई और अबू धाबी में कई स्थानों पर विस्फोट और धुएँ के गुब्बारे देखे गए। अबू धाबी के एक आवासीय इलाके में मलबे गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना न केवल नागरिक सुरक्षा के लिए गंभीर है, बल्कि क्षेत्र में तनाव भी बढ़ाती है। दुबई और आस-पड़ोस में धमाके और मिसाइल इंटरसेप्शन की आवाज़ें सुनाई दीं, जिससे नागरिकों में भय का माहौल बना।
एयरस्पेस और यातायात पर असर
सुरक्षा कारणों से दुबई और आसपास के एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद किया गया। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख हवाई मार्गों पर उड़ानें रद्द या बाधित हुईं। यात्रियों को एयरलाइंस से संपर्क कर वैकल्पिक मार्ग अपनाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। कतर, बहरीन और कुवैत के एयरस्पेस पर भी मिसाइल इंटरसेप्शन और सुरक्षा उपाय लागू किए गए।
बुर्ज खलीफा और अफवाहों का सत्य
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह दावा फैलाया गया कि बुर्ज खलीफा को मिसाइल निशाना बनाया गया और इमारत खाली करवाई गई। प्रशासन और फैक्ट‑चेक रिपोर्टों ने इस खबर को पूरी तरह झूठा बताया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बुर्ज खलीफा और उसके आसपास किसी भी स्थान पर सीधे हमले की पुष्टि नहीं हुई। सुरक्षा उपायों के तहत कुछ स्थानों पर गतिविधि सीमित की गई थी, लेकिन यह केवल एहतियात और हवाई सुरक्षा के कारण था।
क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी
यूएई सरकार ने नागरिकों और निवासियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी। ब्रिटेन और अन्य देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया। खाड़ी के कई देशों ने ईरानी हमलों की निंदा की और क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने के कदम उठाए।
यूएई एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया और अधिकांश मिसाइलें नाकाम हुईं। अबू धाबी में मलबे गिरने से एक नागरिक की मृत्यु हुई। दुबई और अन्य शहरों में धमाके और धुएँ के दृश्य देखे गए। बुर्ज खलीफा पर कोई हमला नहीं हुआ। एयरस्पेस और उड़ानों पर प्रभाव पड़ा और सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए।