सीतापुर में GST चोरी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 100 फर्जी फर्मों से 100 करोड़ का फर्जीवाड़ा
रिपोर्ट : विजय तिवारी
सीतापुर (उत्तर प्रदेश)।
जिले में कर चोरी के खिलाफ की गई कार्रवाई में एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खैराबाद थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्मों के माध्यम से GST चोरी करने वाले गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, इस गिरोह ने करीब 100 फर्जी फर्मों के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये की GST चोरी को अंजाम दिया।
भोले-भाले लोगों को बनाते थे मोहरा
जांच में सामने आया है कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों और कमजोर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। इन्हीं दस्तावेजों पर उनके नाम से GST रजिस्ट्रेशन कराया जाता था। फर्में भले ही दूसरों के नाम पर दर्ज होती थीं, लेकिन उनका पूरा संचालन, बैंकिंग और लेनदेन आरोपी खुद संभालते थे।
लकड़ी कारोबार की आड़ में फर्जी बिलिंग
गिरोह द्वारा कागजों पर बड़े पैमाने पर लकड़ी की खरीद-बिक्री दिखाई जाती थी। फर्जी बिल और लेनदेन के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से दावा किया गया। इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया और कर प्रणाली का दुरुपयोग किया गया।
छापेमारी में भारी मात्रा में सामान बरामद
संयुक्त टीम की छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से—
2 लग्जरी कारें
2 लैपटॉप
8 लाख रुपये नकद
37 मोबाइल फोन
80 सिम कार्ड
37 एटीएम कार्ड
फर्जी बिल, GST पंजीकरण से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
बरामद किए गए।
बरामद सामग्री से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह तकनीकी और वित्तीय रूप से संगठित तरीके से काम कर रहा था।
कानपुर और सीतापुर से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों में एक आरोपी कानपुर का निवासी है, जबकि छह आरोपी सीतापुर जनपद के रहने वाले बताए गए हैं। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों, सहयोगियों और संभावित लाभार्थियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
संयुक्त कार्रवाई, सभी आरोपी जेल भेजे गए
यह कार्रवाई खैराबाद पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने की। सभी अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आगे और खुलासों की संभावना
पुलिस और संबंधित एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल डेटा, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और फर्जी फर्मों, संदिग्ध लेनदेन और जुड़े लोगों के सामने आने की पूरी संभावना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।