घटती जनसंख्या से जूझता चीन : कंडोम व गर्भनिरोधकों पर 13% टैक्स, 1 जनवरी 2026 से लागू

रिपोर्ट : विजय तिवारी
चीन अपनी लगातार घटती जनसंख्या को लेकर गंभीर चिंता के दौर से गुजर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में चीनी सरकार ने कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक उत्पादों पर 13 प्रतिशत सेल्स टैक्स लगाने का अहम फैसला किया है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है। इस फैसले के बाद देश में इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकारी नीति में यह बदलाव जनसंख्या संरचना में आए बड़े उलटफेर का संकेत माना जा रहा है। वर्ष 1994 से अब तक चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक साधनों को टैक्स से छूट मिली हुई थी, क्योंकि उस दौर में सरकार बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने पर जोर दे रही थी। लेकिन तीन दशक बाद हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और अब घटती जन्मदर चीन के लिए नई चुनौती बन गई है।
लगातार तीसरे साल घटी आबादी
आधिकारिक आंकड़ों और विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, चीन की जनसंख्या में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में भी आबादी घटने के बाद जनसांख्यिकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि यदि यह रुझान जारी रहा तो भविष्य में श्रमबल, आर्थिक विकास और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों पर गहरा असर पड़ सकता है।
एक बच्चा नीति से तीन बच्चों तक का सफर
एक समय था जब चीन दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आबादी वाले देशों में शामिल था। 1970 के दशक में जनसंख्या एक अरब के करीब पहुंचने के बाद सरकार ने सख्त वन चाइल्ड पॉलिसी लागू की थी। इस नीति के तहत कई बार कठोर कदम भी उठाए गए।
बदलते हालात के चलते 2016 में दो बच्चों की अनुमति दी गई और फिर 2021 में तीन बच्चे पैदा करने की छूट दी गई, लेकिन इसके बावजूद जन्मदर में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी।
महंगाई और जीवनशैली भी बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य का खर्च, आवास की कीमतें और बदलती जीवनशैली भी चीन में कम बच्चों की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही हैं। यही कारण है कि नीति में ढील के बावजूद युवा दंपती ज्यादा बच्चे पैदा करने से हिचक रहे हैं।
सरकार के प्रोत्साहन उपाय
शी जिनपिंग सरकार अब शादी और परिवार बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठा रही है। इसमें बच्चों के जन्म पर नकद प्रोत्साहन, मातृत्व-पितृत्व सुविधाएं, और स्कूल-कॉलेजों में लव व फैमिली एजुकेशन जैसे कोर्स शामिल हैं। गर्भनिरोधकों पर टैक्स लगाने का फैसला भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि जन्मदर को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सके।
कुल मिलाकर, चीन का यह कदम दिखाता है कि जिस देश ने कभी जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त नीतियां अपनाईं, वही आज घटती आबादी को रोकने के लिए नीति और कर व्यवस्था में बड़े बदलाव कर रहा




