किन राज्यों में कहां तक पहुंचा SIR का काम, जानें बंगाल-UP का क्या हाल

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन यानी एसआईआर की समय सीमा बढ़ा दी है. अब लोग 11 दिसंबर तक SIR फॉर्म जमा कर सकेंगे. पहले इसकी डेडलाइन चार दिसंबर तक थी. कहा जा रहा है कि BLOs के ऊपर दबाव को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. दरअसल, देश के 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया हो रही है. काम पूरी तेजी के साथ चल रहा है. आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 99 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है यानी 99.65% गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित किए जा चुके हैं. इनमें से 84.30% फॉर्म डिजिटाइज कर लिए गए हैं. लक्षद्वीप में 100 फीसदी काम पूरा हो चुका है. वहीं उत्तर प्रदेश में अभी 69.56 फीसदी ही काम हुआ है.
अगर पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां 95.24 फीसदी काम पूरा हो चुका है. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, एसआईआर पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है और अगले 24-48 घंटों में 100% डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा. सभी डिजिटाइज फॉर्म जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर जनता के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे.
एक नजर में ताजा आंकड़े
कुल इलेक्टर्स (27 अक्टूबर 2025 तक): 50,97,44,423
गणना प्रपत्र वितरित: 50,79,36,071 (99.65%)
SIR फॉर्म डिजिटाइज हुए: 42,96,99,385 (84.30%)
कहां कितना हुआ है काम
लक्षद्वीप: 100%
गोवा: 99.85%
राजस्थान: 95.63%
पश्चिम बंगाल: 95.24%
मध्य प्रदेश: 92.78%
पुडुचेरी: 92.15%
छत्तीसगढ़: 88.76%
तमिलनाडु: 87.64%
गुजरात: 85.96%
अंडमान-निकोबार: 83.59%
केरल: 81.10%
उत्तर प्रदेश: 69.56%
बता दें कि एसआईआर के दूसरे चरण की ड्राफ्ट लिस्ट 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किया जाएगा. फाइनल लिस्ट 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी. वहीं, दावे और आपत्ति दर्ज करने की तारीख 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक है.




