भारत–श्रीलंका नौसेना की 13वीं स्टाफ वार्ता संपन्न- हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर सहमति

रिपोर्ट : विजय तिवारी
कोलंबो / नई दिल्ली।
भारतीय नौसेना तथा श्रीलंका नौसेना के मध्य 13वीं द्विपक्षीय स्टाफ वार्ता 14 जनवरी 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्थापित नौसैनिक सहयोग को और अधिक मजबूत करना तथा हिंद महासागर क्षेत्र में उभरती समुद्री चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटना रहा।
इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना की ओर से रियर एडमिरल श्रीनिवास मड्डुला, सहायक नौसेना प्रमुख (विदेशी सहयोग एवं खुफिया) तथा श्रीलंका नौसेना की ओर से रियर एडमिरल रुवान रुपसेना, महानिदेशक प्रशिक्षण ने की।
समुद्री सुरक्षा पर व्यापक चर्चा
स्टाफ वार्ता के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन, समुद्री अपराधों की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, खोज एवं बचाव अभियान तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय, सूचना साझा करने और परिचालन सहयोग को निरंतर सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर
बैठक में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और पूर्व में आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों की समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में संयुक्त अभ्यासों और प्रशिक्षण गतिविधियों के दायरे को विस्तार देने पर भी सहमति बनी।
द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई दिशा
दोनों नौसेनाओं ने इस बात पर बल दिया कि नियमित स्टाफ वार्ताएं आपसी विश्वास, पारदर्शिता और पेशेवर समन्वय को मजबूत करती हैं। भारत और श्रीलंका के बीच नौसैनिक सहयोग को क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना गया।
मैत्री सेतु की भावना
13वीं स्टाफ वार्ता को भारत–श्रीलंका रक्षा संबंधों में ‘मैत्री सेतु’ के रूप में देखा जा रहा है। यह बैठक हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को स्पष्ट करती है।




