Janta Ki Awaz
राष्ट्रीय

निरंतर संवाद से मजबूत होंगे भारत–फ्रांस संबंध, पेरिस में विदेश मंत्रियों की अहम बैठक

निरंतर संवाद से मजबूत होंगे भारत–फ्रांस संबंध, पेरिस में विदेश मंत्रियों की अहम बैठक
X

रिपोर्ट : विजय तिवारी

पेरिस / नई दिल्ली।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति भारत और फ्रांस की साझा सोच मौजूदा वैश्विक हालात में अंतरराष्ट्रीय राजनीति को संतुलित और स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पेरिस में फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान अपने प्रारंभिक वक्तव्य में डॉ. जयशंकर ने कहा कि किसी भी मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए निरंतर संवाद और नियमित संपर्क अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत–फ्रांस संबंध केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और रणनीतिक हितों पर आधारित हैं।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में, जब भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही हैं, ऐसे समय में भारत और फ्रांस जैसे समान विचारधारा वाले देशों का मिलकर काम करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश वैश्विक मुद्दों पर न केवल विचार-विमर्श कर रहे हैं, बल्कि समाधान की दिशा में भी सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।

बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें राजनीतिक संवाद, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय, और वैश्विक स्थिरता से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। डॉ. जयशंकर ने कहा कि नियमित उच्चस्तरीय बैठकों से दोनों देशों को एक-दूसरे के दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है, जिससे रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होती है।

इस मुलाकात के माध्यम से भारत और फ्रांस ने यह संदेश दिया कि दोनों देश भविष्य में भी खुले संवाद, आपसी सहयोग और साझा प्रतिबद्धताओं के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। बैठक ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत–फ्रांस संबंध बदलते वैश्विक परिदृश्य में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत आधार बने

Next Story
Share it