PFI के पूर्व सरगना अबू बकर को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूर्व राष्ट्रीय प्रमुख अबू बकर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अबू बकर को देश विरोधी गतिविधियों और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया था।
अबू बकर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और इनकी जांच अभी जारी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अबू बकर की गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
अबू बकर ने अपने स्वास्थ्य और उम्र का हवाला देते हुए जमानत मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कारण पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ प्रस्तुत सबूतों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच एजेंसियों ने PFI के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया और संगठन पर प्रतिबंध लगाया। जांच में सामने आया कि PFI के सदस्य देश में हिंसा फैलाने और आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध रखने की कोशिश कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अबू बकर को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। मामले की अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।




