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बलरामपुर गार्डन में 19वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला, हर तरह के साहित्य का ठिकाना बना बुक फेयर

बलरामपुर गार्डन में 19वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला, हर तरह के साहित्य का ठिकाना बना बुक फेयर
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चर्चा में आईं डा.राकेश तिवारी, हबीब इकराम व वीरेंद्र सारंग की पुस्तकें

लखनऊ, 25 सितम्बर। बलरामपुर गार्डन अशोक मार्ग में चल रहे 10 दिवसीय उन्नीसवें पुस्तक मेले में हर तरह का साहित्य पुस्तक प्रेमियों को लुभा रहा है। यहां के साहित्यिक आयोजन बौद्धिक वर्ग को आकर्षित कर रहे हैं तो कविता, कहानी, उपन्यास के संग विषय विशेष और आम विषय की पुस्तकें नवाबी शहर के लोगों द्वारा उलट पुलट के देखी और खरीदी जा रही हैं।

पुस्तक मेले के तीसरे दिन आज आधा दिन रिमझिम वर्षा के हवाले रहा। हर घर पुस्तकालय थीम पर आधारित इस मेले में हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत छूट दी जा रही है। मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए गांधी जयंती तक प्रतिदिन प्रातः 11 से रात नौ बजे तक खुला रहेगा।

सेतु प्रकाशन के स्टाल पर ओमप्रकाश कश्यप की पेरियार पर लिखी पुस्तक की बहुत मांग है। यहां इस वर्ष प्रकाशित हुई पुस्तकों में उपन्यास और देस, विवाद नहीं हस्तक्षेप, अंधेरी रात के तारे, विलोपन, मूर्तियों के जंगल में, दूरियों के घेरे में, पल्लीपार, बस्तियों का कांरवां और आहत नाद जैसी पुस्तकें हैं। प्रभात के स्टाल पर इसी साल आई महाराणा, वीर सावरकर, सुपरकॉप अजीत डोभाल, डायनमिक डीएम, भारत 2047, आजादी 75 जैसी किताबें पसंद की जा रही हैं। राजकमल के स्टाल पर पुरस्कृत साहित्य कें संग ही महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के लिए संदर्भ ग्रंथों की किताबें बड़ी संख्या मं उपलब्ध हैं।

साहित्यिक मंच पर आज बदलते समय के परिप्रेक्ष्य में दो पीढ़ियों के द्वंद्व को रेखांकित करते वीरेन्द्र सारंग के उपन्यास 'अलगनी पर समय' के लोकार्पण समारोह में लेखक के साथ शिवमूर्ति, सूरज बहादुर थापा, प्रो.रमेश दीक्षित, सुधाकर अदीब और प्रो.एसपी शाक्य आदि ने विचार व्यक्त किए। इससे पहले निखिल प्रकाशन की ओर से सुबह अभी तक राम के व्यंग संग्रह लल्लू लाल की लिटास, मुरारी लाल अग्रवाल की किताब संस्कृत साहित्य में जल संरक्षण, ओम शरण आर्य चंचल के संग्रह चंचल रोला सतसई, दिनेश उन्नावी के अवधी व्यंग काव्य संग्रह मुंहनोंचवा और भगवती सिंह शरद के एकांकी संग्रह दो फूल का लोकार्पण मोहन राय शर्मा निखिल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष निखिल शर्मा, लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ.हरिशंकर मिश्र डॉ एम एल अग्रवाल, एलपी गुर्जर लखनवी, डॉ. विनय शंकर दीक्षित आशु, हबीब इकराम, नरेंद्र कुमार वर्मा, डॉक्टर मनोज मिश्र और डॉक्टर खलील खान की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर आईटी कालेज की शिक्षिका डा.नीतू शर्मा, लेखक हबीब इकराम आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रसिद्ध पुरातत्वविद डा.राकेश तिवारी ने 1990 से अबतक देखी अयोध्या को अपनी पुस्तक - जिरह अजुधिया हमारी देखी में व्यक्त किया है। जल्दी ही प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक पर आईबी सिंह, हरिचरण प्रकाश और एएसआई में रहे इंदु प्रकाश अपने विचार रखे।

मेले में बच्चों के लिए डांस, पेण्टिंग, कार्टून मेकिंग, निबंध लेखन, गायन आदि की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आनलाइन आयोजन हो रहा है। मेले के सहयोगी रेडियोसिटी, ओरिजिंस, किरण फाउंडेशन, ज्वाइन हैंड्स फाउंडेशन, ऑप्टीकुंभ, रेट्रोबी, सिटी एसेंस और ट्रेड मित्र पत्रिका हैं।

26 सितम्बर के कार्यक्रम

सुबह 11 बजे निखिल प्रकाशन की ओर से पुस्तक लोकार्पण

दोपहर 3 बजे प्रज्ञा साहित्य परिषद के संयोजन मे काव्यगोष्ठी

शाम 6 बजे स्टीफेन की जीवनी पर बातचीत

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