₹5000 का ‘पास’ और कानून बाईपास: चंदौली में वसूली के आरोपों से गरमाया परिवहन विभाग

ब्यूरो रिपोर्ट, चंदौली...
चंदौली। जनपद में परिवहन विभाग एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। गाजीपुर के ट्रांसपोर्टर सुनील यादव ने आरोप लगाया है कि ट्रकों को बेवजह रोककर चालान और सीज करने की धमकी दी जाती थी, और इस कार्रवाई से बचने के लिए प्रति ट्रक ₹5000 मासिक एंट्री फीस वसूली जाती है।
विदित हो कि मामला 19/20 फरवरी की रात का है, जब चंदौली–मिर्जापुर बॉर्डर पर एक ट्रक को रोका गया। आरोप है कि ट्रक को मौके पर निपटाने के बजाय औद्योगिक नगर पुलिस चौकी लाकर चालान किया गया और वहीं खड़ा करा दिया गया।इस घटनाक्रम ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं—यदि अनियमितता थी तो बॉर्डर पर ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
ट्रांसपोर्टर का दावा है कि अब तक करीब ₹90 हजार ‘एंट्री फीस’ के नाम पर ऑनलाइन वसूले जा चुके हैं। वहीं एक सिपाही पर लगभग ₹6 लाख नकद और ऑनलाइन वसूली के आरोप लगे हैं।ट्रांसपोर्टरों ने 135 ट्रकों की कथित वसूली सूची भी सार्वजनिक की है, जिसमें वाहनों के नंबर दर्ज बताए जा रहे हैं। साथ ही इस बात का दावा किया है कि वसूली लिस्ट के और भी चार प्रतियों में है,जिसको महकमें के उच्चाधिकारियों को दिया गया है।ट्रांसपोर्टर का दावा है कि भ्रष्टाचार के इतने सबूत उसके बावजूद कार्रवाई सिर्फ मोहरे तक, सिस्टम की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करता है। ट्रांसपोर्टर सुनील यादव ने बताया कि भ्रष्टाचार के असली मास्टर माइंड और किंग को बचाने की जुगत जारी है।
जांच और कार्रवाई...
पूरे मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई। पुलिस ने ARTO से जुड़े एक सिपाही को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच क्षेत्राधिकारी सदर को सौंपी गई है।हालांकि ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि कार्रवाई फिलहाल निचले स्तर तक सीमित है, जबकि पूरे प्रकरण में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। मामले को लेकर ट्रांसपोर्टरों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को वाराणसी परिक्षेत्र के DIG से मिला और निष्पक्ष जांच की मांग की। DIG ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है, जिससे आगे कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।प्रकरण ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर जिम्मेदारों तक कार्रवाई पहुंचती है या नहीं।




