फिल्म ‘यादवजी की प्रेम कहानी’ पर विवाद, दीपक मिश्र ने CBFC अध्यक्ष से की कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली। प्रख्यात समाजवादी चिंतक एवं बौद्धिक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मिश्र ने फिल्म ‘यादवजी की प्रेम कहानी’ पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष प्रसून जोशी को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई करने अथवा पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
श्री मिश्र ने आरोप लगाया है कि हाल के दिनों में ऐसी फिल्मों का निर्माण बढ़ा है, जिनसे समाज में जातीय एवं सांप्रदायिक विद्वेष फैलने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व ‘घूसखोर पंडत’ नामक फिल्म पर भी उन्होंने आपत्ति जताई थी और इसे लेकर भी सीबीएफसी को पत्र लिखा था।
दीपक मिश्र के अनुसार, फिल्मों का समाज के लोकमानस पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, रचनाधर्मिता या मनोरंजन के नाम पर किसी भी धर्म, जाति, वर्ग या संप्रदाय का अपमान स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि इस प्रकार की फिल्मों के माध्यम से सामाजिक वैमनस्य को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने सीबीएफसी पर प्रभावी नियंत्रण न रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि ऐसी फिल्मों पर रोक नहीं लगाई गई तो यह एक गलत परंपरा को जन्म देगा। श्री मिश्र ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे ऐसी फिल्मों का बहिष्कार करें, जो सामाजिक समरसता को ठेस पहुंचाती हों।
अपने वक्तव्य में उन्होंने भारतीय परंपरा में विभिन्न समुदायों के बीच ऐतिहासिक जुड़ाव और समरसता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए पारस्परिक सम्मान आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि नई पीढ़ी को दिग्भ्रमित करने वाली फिल्मों का सार्वजनिक प्रतिकार किया जाना चाहिए।
फिलहाल, सीबीएफसी या उसके अध्यक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




