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ट्रंप को मैसेज! AI-सेमीकंडक्टर पर बड़ा करार… क्या है PM मोदी की जापान यात्रा का एजेंडा, 10 बड़ी बातें

ट्रंप को मैसेज! AI-सेमीकंडक्टर पर बड़ा करार… क्या है PM मोदी की जापान यात्रा का एजेंडा, 10 बड़ी बातें
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जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी वाला टैरिफ बम फोड़ रखा है, तब पीएम मोदी मिशन टोक्यों और मिशन बीजिंग पर निकल चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के पहले चरण में 29 अगस्त को जापान की राजधानी टोक्यों पहुंचे जहां वो जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. अमेरिका के साथ टैरिफ पर तनाव के बीच जापान के साथ पीएम मोदी के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को गहरा करने की उम्मीद है. जापान की यह दो दिवसीय यात्रा, अन्य बातों के अलावा, क्वाड पर केंद्रित होगी, जिसका एक सदस्य अमेरिका भी है.

पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.जापान स्थित मीडिया प्लेटफॉर्म निक्केई एशिया ने बताया है कि जापान अगले दशक में भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 10 ट्रिलियन येन (68 बिलियन डॉलर) का निवेश करेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमिकंडक्टर, पर्यावरण और मेडिसिन सहित कई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा है.यात्रा से पहले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने अपना एजेंडा बताया. उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोग को नए पंख देने, अपने आर्थिक और निवेश संबंधों के दायरे और महत्वाकांक्षा का विस्तार करने और AI और सेमीकंडक्टर सहित नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे."पीएम मोदी टोक्यो की इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री और सेंदाई में तोहोकू शिंकानसेन प्लांट भी जाएंगे जहां बुलेट ट्रेन कोच बनाए जाते हैं. उम्मीद है कि पीएम मोदी और उनके साथ आने वाले पीएम इशिबा भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना में टोक्यो की भागीदारी के मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे.पीएम मोदी भारत और जापान के रक्षा सहयोग को गहरा करने पर भी विचार कर रहे हैं, साथ ही भारतीय नौसेना और जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल भारत में जहाज रखरखाव में संभावित सहयोग की तलाश कर रहे हैं.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद क्वाड के देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं.भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि एजेंडे में एक "महत्वपूर्ण मंच" क्वाड होगा. यह चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने और भारत-प्रशांत देशों को वित्त पोषण और आर्थिक विकास के लिए एक विकल्प प्रदान करने के लिए गठित एक रणनीतिक समूह है. इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया सदस्य हैं.पीएम मोदी की यात्रा से पहले, जापान के व्यापार वार्ताकार रयोसी अकाजावा ने आखिरी मिनट में अमेरिका की यात्रा रद्द कर दी. इस कदम से 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज को अंतिम रूप देने में देरी होने का खतरा है, जो जापान दंडात्मक शुल्कों (रेसिप्रोकल टैरिफ) को कम करने के लिए अमेरिका को दे रहा है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पैकेज "हमारा पैसा है, जिसे हम जैसा चाहें निवेश कर सकते हैं" और कहा कि अमेरिका 90 प्रतिशत लाभ अपने पास रखेगा. जापानी अधिकारी इससे सहमत नहीं थे और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निवेश पारस्परिक लाभ के अधीन होगा.अपनी जापान यात्रा के बाद, पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जाएंगे.

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