जाली नोट, पिस्टल, 8 मोबाइल और… AMU में MCA छात्र का कमरा देख पुलिस भी हैरान, क्या फेक सर्टिफिकेट से लिया एडमिशन?

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां सर जियाउद्दीन हॉल के कमरा नंबर Z-37 से पिस्टल, जाली नोट, कारतूस के खोखे और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इसी कमरे में एमसीए का छात्र शहबाज उर्फ छोटू रह रहा था. पुलिस और एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम की छापेमारी के दौरान आरोपी शहबाज मौके से फरार हो गया. कमरे को सील कर दिया गया है और उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.
यह कार्रवाई 6 अप्रैल 2026 को क्वार्सी थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ी बताई जा रही है. 6 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे अलीगढ़ के अनूपशहर रोड स्थित एफएम टॉवर इलाके में एक शादी समारोह के बाहर गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर विवाद हो गया था. आरोप है कि एएमयू के कुछ छात्रों ने बुजुर्ग शाहिद अली के साथ मारपीट की. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हमलावर वहां से फरार हो गए.
इसके बाद अगली सुबह करीब 4:30 बजे थाना क्वार्सी क्षेत्र की आशियाना ग्रीन सोसाइटी में शाहिद अली के घर के बाहर दोबारा हमला किया गया. इस दौरान फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस ने इस मामले में बुलंदशहर के छतारी नारायणपुर निवासी अशरफ, सुलेमान हॉल के छात्र, एफएम टॉवर निवासी फैसल, मोहम्मद साकिब और उनके अन्य साथियों को आरोपी बनाया. इनमें से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शहबाज उर्फ छोटू का नाम भी सामने आया, जो फायरिंग की घटना में शामिल बताया गया. इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी. जानकारी के अनुसार, शहबाज एएमयू में एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और मूल रूप से शहंशाहाबाद का रहने वाला है. वह सर जियाउद्दीन हॉल में अवैध रूप से रह रहा था और पहले से रह रहे दो छात्रों को धमकाकर कमरे पर कब्जा कर लिया था.
पुलिस को कमरे से क्या-क्या मिला?
पुलिस ने एसपी सिटी आदित्य बंसल, सीओ तृतीय सर्वम सिंह और संबंधित थाना पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की. तलाशी के दौरान कमरे से 32 बोर पिस्टल की दो मैगजीन, 15 बोर के चार खोखे, 9 एमएम की चली हुई गोली का हिस्सा, आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप (जो किसी अन्य छात्र का निकला), डिजिटल साइनिंग पैड और 100 रुपये के छह नकली नोट बरामद किए गए.
इसके अलावा शहबाज के नाम पर सीबीएसई हाईस्कूल की दो संदिग्ध मार्कशीट भी मिलीं, जिनमें जन्मतिथि में 10 साल का अंतर पाया गया. एएमयू के दो नामांकन पत्र भी मिले, जिनमें शैक्षणिक जानकारी में विसंगतियां हैं. इस बरामदगी से पुलिस भी हैरान है.
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने कहा कि शुरुआती जांच में मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिले का प्रतीत होता है. सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय स्तर से भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार शहबाज की तलाश जारी है.




