कालकाजी मंदिर में सेवादार की पीट-पीटकर हत्या, प्रसाद को लेकर हुआ था विवाद, एक्शन में दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। राजधानी के प्रख्यात कालकाजी मंदिर से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। मंदिर के लंबे समय से जुड़े सेवादार योगेंद्र सिंह (45 वर्ष) की शुक्रवार देर रात मंदिर परिसर में ही संदिग्ध परिस्थितियों में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सेवादार उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी था
कैसे हुआ विवाद?
सूत्रों के मुताबिक, रात को मंदिर परिसर में किसी छोटे से विवाद की शुरुआत हुई थी, जो देखते-देखते हिंसक रूप ले बैठा। हमलावरों ने योगेंद्र सिंह पर लाठी-डंडों और घूंसों से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल योगेंद्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार और श्रद्धालुओं में आक्रोश
योगेंद्र सिंह पिछले कई वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे थे और श्रद्धालुओं के बीच उनकी छवि एक शांत और सहयोगी व्यक्ति की थी। उनके निधन की खबर सुनते ही परिजन और स्थानीय श्रद्धालु गुस्से में आ गए। लोगों का कहना है कि मंदिर प्रबंधन और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत करनी चाहिए थी।
एक स्थानीय श्रद्धालु ने कहा – “योगेंद्र भाई हर समय सेवा में लगे रहते थे। उनकी हत्या ने हमें अंदर तक हिला दिया है। यह केवल हत्या नहीं, बल्कि हमारी आस्था पर भी चोट है।”
पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की तफ्तीश तेज़ कर दी है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी गिरफ्तार अन्य आरोपियों की तलाश जारी हैं
मंदिर परिसर में तनाव
हत्या की खबर फैलते ही कालकाजी इलाके में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर मंदिर के बाहर इकट्ठा हुए। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
सवालों के घेरे में सुरक्षा
यह घटना एक बार फिर से दिल्ली के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े और भीड़-भाड़ वाले मंदिर में अगर एक सेवादार की हत्या हो सकती है तो आम भक्तों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।