आंध्र प्रदेश: तिरुपति मंदिर में टोकन लेने के दौरान भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत

आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भगदड़ मचने से चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है. तिरुमाला वैकुण्ठ द्वार सर्वदर्शनम टोकन जारी करने के दौरान अफरातफरी मच गई. इस दौरान यह हादसा हुआ. सीएम चंद्रबाबू नायडू ने श्रद्धालुओं के निधन पर शोक जताया है और अधिकारियों को राहत-बचाव का निर्देश दिया है.
बता दें किवैकुण्ठ द्वार दर्शन के दौरान विष्णु के निवास तिरुपति में दर्शन टोकन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. इस दौरान एक साथ टोकन लेने आए श्रद्धालुओं में भारी भगदड़ मच गई. इसी क्रम में भगदड़ मचने से वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई. इनमें मल्लिका नाम की एक महिला भी शामिल है.
बुधवार को वैकुण्ठ के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने गुरुवार, 9 दिसंबर की सुबह से वैकुण्ठ के माध्यम से दर्शन टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई थी. इसके चलते बुधवार शाम से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी.टोकन के लिए अलीपिरी, श्रीनिवासम, सत्यनारायणपुरम और पद्मावतीपुरम में भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण भगदड़ मच गयी.
1.20 लाख टोकन जारी करने का हुआ था फैसला
बता दें कि गुरुवार से तिरुपति के 9 केंद्रों में 94 काउंटरों के माध्यम से वैकुण्ठ दर्शन टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई थी. हालांकि, बुधवार शाम को टोकन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े. भगदड़ में कई लोग बीमार पड़ गये. उन्हें अस्पताल ले जाया गया. बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई, जब श्रद्धालु बड़ी संख्या में वहां पहुंचे थे. आशंका है कि भगदड़ में घायलों की संख्या बढ़ सकती है.
टीटीडी ने 10, 11 और 12 जनवरी को वैकुण्ठ द्वार दर्शन के पहले तीन दिनों के लिए गुरुवार सुबह 1.20 लाख टोकन जारी करने का निर्णय लिया था. बाकी दिनों के संबंध में, टीटीडी ने संबंधित तिथियों पर तिरुपति में विष्णुनिवासम, श्रीनिवासम और भूदेवी परिसरों में टिकट जारी करने की व्यवस्था की है.
सीएम नायडू ने निधन पर जताया शोक
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. सीएम नायडू ने घटना में घायलों को दिए जा रहे उपचार के बारे में अधिकारियों से फोन पर बात की. उन्होंने उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर जाकर राहत कार्य करने के आदेश दिए हैं, ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके.




