Janta Ki Awaz
उत्तर प्रदेश

मौनी अमावस्या स्नान को लेकर प्रयागराज में व्यापक इंतज़ाम, 3–4 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना, सुरक्षा और ट्रैफिक पर सख़्त निगरानी

मौनी अमावस्या स्नान को लेकर प्रयागराज में व्यापक इंतज़ाम, 3–4 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना, सुरक्षा और ट्रैफिक पर सख़्त निगरानी
X

रिपोर्ट : विजय तिवारी

उत्तर प्रदेश।

प्रयागराज में माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या को लेकर मेला पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियां की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 18 जनवरी को गंगा तट और संगम क्षेत्र में 3 से 4 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसी अनुमान के आधार पर 8-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और 10-टियर भीड़ व ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है।

मेला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 14 दिनों में संगम क्षेत्र में भारी भीड़ दर्ज की गई है। अब तक लगभग 3 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान और पूजा-अर्चना कर चुके हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही, जब दो दिनों में करीब 1.85 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई।

भीड़ के दबाव को नियंत्रित रखने के लिए मेला क्षेत्र और उसके आसपास नो-व्हीकल ज़ोन लागू किया गया है। शहर की ओर आने-जाने वाले सात प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, ताकि संगम और घाटों पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। मेला पुलिस ने भीड़ प्रबंधन में सहयोग के लिए संत समाज तथा सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें भी की हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को उसी सेक्टर या ज़ोन से लौटना होगा, जिससे वे प्रवेश करेंगे। संगम नोज की ओर अनियंत्रित आवाजाही पर सख़्त रोक लगाई गई है। स्नान के लिए निर्धारित घाटों का ही उपयोग कराने के निर्देश दिए गए हैं। लगभग 8 किलोमीटर क्षेत्र में फैले 24 घाटों पर व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अपने एंट्री पॉइंट के नजदीकी घाट पर ही स्नान कर वापस लौटें।

घाटों पर भीड़ नियंत्रण के लिए इवैक्यूएशन टीमें और सुपर-10 टीमें तैनात की गई हैं। बैरिकेडिंग और हार्ड बैरियर पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रस्सी, लाउडस्पीकर, सीटी, फ्लाइंग स्क्वॉड और वॉचटावर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहे हैं।

माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडे के अनुसार, मौनी अमावस्या स्नान को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पैरामिलिट्री बलों सहित लगभग 15,000 पुलिसकर्मियों को 32 स्थायी प्वाइंट्स पर तैनात किया गया है। सभी जवान आधुनिक उपकरणों और संचार साधनों से लैस हैं। भीड़ को संतुलित रखने के लिए अस्थायी होल्डिंग एरिया, पार्किंग और रात्रि विश्राम की व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी 24 घाटों पर आधारभूत ढांचे को मज़बूत किया गया है। नदी में बैरिकेडिंग, जल पुलिस की तैनाती, वॉचटावर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइन बोर्ड, शौचालय, चेंजिंग रूम और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें 24×7 तैनात हैं।

भीड़ की रियल-टाइम निगरानी के लिए 1524 सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क स्थापित किया गया है, जिसे ड्रोन सर्विलांस से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से भीड़ की घनता का आकलन कर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेला पुलिस के निर्देशों का पालन करें, निर्धारित लेन में ही चलें, स्नान और पूजा के बाद सीधे पार्किंग या अपने गंतव्य की ओर जाएं तथा धैर्य बनाए रखें। किसी भी अफवाह से दूर रहने और समस्या होने पर तुरंत प्रशासन को सूचना देने की भी सलाह दी गई है, ताकि मौनी अमावस्या का स्नान सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

Next Story
Share it