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उत्तर प्रदेश

माघ मेले में अग्निकांड की पुनरावृत्ति, 24 घंटे में दो घटनाओं से बढ़ी सुरक्षा चिंता सेक्टर-4 के ब्रह्माश्रम शिविर में आग, 10 से अधिक टेंट प्रभावित, कोई जनहानि नहीं

माघ मेले में अग्निकांड की पुनरावृत्ति, 24 घंटे में दो घटनाओं से बढ़ी सुरक्षा चिंता  सेक्टर-4 के ब्रह्माश्रम शिविर में आग, 10 से अधिक टेंट प्रभावित, कोई जनहानि नहीं
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रिपोर्ट : विजय तिवारी

प्रयागराज।

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान एक बार फिर आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। बुधवार शाम सेक्टर-4, संगम लोअर क्षेत्र स्थित ब्रह्माश्रम शिविर में अचानक आग भड़क उठी। इस अग्निकांड में 10 से अधिक टेंट आग की चपेट में आए, जिनमें से दो टेंट पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। आग लगते ही मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दमकल विभाग की तत्परता, बड़ा नुकसान टला

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 8 से 10 गाड़ियाँ और 30 से अधिक दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए। लगातार पानी की बौछारों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रशासन के अनुसार, कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कुछ दमकलकर्मियों के हल्का झुलसने की सूचना है, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

24 घंटे में दूसरी आग की घटना

गौरतलब है कि माघ मेले में 24 घंटे के भीतर यह दूसरी आग की घटना है। इससे पहले मंगलवार शाम सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम (राम नाम मानस प्रचार समिति) शिविर में आग लगी थी। उस घटना में करीब 15 टेंट और लगभग 20 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। आग इतनी तेज थी कि धुआं और लपटें 3 से 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं। उस समय करीब 50 कल्पवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

आग के कारणों पर अलग-अलग आकलन

बुधवार की घटना को लेकर आग लगने के कारणों की जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिविर में जल रहे दीये से फूस और कपड़ों में आग पकड़ने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद आग तेजी से आसपास के टेंटों में फैल गई। वहीं, मंगलवार की घटना के संबंध में मेला प्रशासन ने ढीले तार से हुए शॉर्ट सर्किट को कारण बताया था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार आग की घटनाओं ने माघ मेले की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेला क्षेत्र में पूरे इलाके को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया, ताकि आग और न फैले। पुलिस, मेला प्रशासन, दमकल विभाग और साधु-संतों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य संभाला।

मकर संक्रांति और बढ़ती भीड़

ये घटनाएँ ऐसे समय हुई हैं, जब मकर संक्रांति महापर्व के चलते माघ मेले में श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। माघ मेला धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान और साधना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आग की पुनरावृत्ति ने प्रशासन के सामने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की चुनौती खड़ी कर दी है।

माघ मेले में लगातार दो दिनों तक आग की घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि अस्थायी शिविरों, फूस, कपड़ों और विद्युत व्यवस्था को लेकर और कड़ी निगरानी व सतर्कता की जरूरत है। भले ही दोनों घटनाओं में जनहानि नहीं हुई, लेकिन बार-बार आग लगना प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की सख्त परीक्षा होगी।

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